श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन में छत्तीसगढ़ सिख काउंसिल की ऐतिहासिक झांकी रही आकर्षण का केंद्र
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन में छत्तीसगढ़ सिख काउंसिल की ऐतिहासिक झांकी रही आकर्षण का केंद्र
रायपुर।
दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर गुरुद्वारा गुरु नानक नगर, श्याम नगर से भव्य नगर कीर्तन शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धा, भक्ति एवं ऐतिहासिक चेतना से परिपूर्ण इस नगर कीर्तन में छत्तीसगढ़ सिख काउंसिल द्वारा तैयार की गई चलित झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
प्रस्तुत झांकी में सिख इतिहास के अत्यंत मार्मिक एवं गौरवशाली अध्याय को जीवंत रूप में दर्शाया गया। झांकी में आनंदपुर साहिब का किला छोड़ने के पश्चात श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा अपने पूरे परिवार के साथ सरसा नदी पार करने का दृश्य प्रस्तुत किया गया।
तेज बहाव वाली सरसा नदी को पार करते समय गुरु परिवार का बिछुड़ना, परिवार का तीन हिस्सों में विभाजित होना, इसके पश्चात दोनों बड़े साहिबजादों की युद्धभूमि में शहादत, छोटे साहिबजादों को जिंदा दीवार में चुनवाया जाना तथा माता गुजरी जी का ठंडे बुर्ज में बलिदान— इन सभी ऐतिहासिक घटनाओं को झांकी के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ सिख काउंसिल के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि
“इस झांकी का उद्देश्य सिख समाज के उस गौरवशाली, त्याग और बलिदान से परिपूर्ण इतिहास को जन-जन तक पहुँचाना है, जिससे नई पीढ़ी गुरु परंपरा, साहिबजादों के अदम्य साहस और धर्म के लिए दिए गए बलिदानों से प्रेरणा ले सके।”
नगर कीर्तन में छत्तीसगढ़ सिख काउंसिल के
महासचिव श्री गगनदीप हंसपाल,
श्री जस्सी खनूजा, श्री योगेश सैनी, श्री राजविंदर खालसा,
श्री गुरदीप टुटेजा, पप्पू सलूजा, सोनू सलूजा, श्री जसबीर सिंह, श्री इंद्रजीत सिंह, दलविंदर बेदी
सहित अनेक पदाधिकारी, सिख संगत एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
नगर कीर्तन में सम्मिलित यह झांकी श्रद्धालुओं के लिए आस्था, इतिहास और बलिदान की जीवंत प्रेरणा बनकर उभरी।