*पार्षद हेमकुवर तारम ने महिला रामायण मंडली की मांग पुरी की*
*हर सम्भव वादों को पूर्ण जरूर करुँगी हेमकुवर तारम*
चिखलाकसा:– नगर पंचायत चिखलाकसा वार्ड क्रमांक 01 की पार्षद हेमकुवर तारम ने शाकम्भरी जयंती और छेर–छेरा पर्व के शुभ अवसर पर कोशरिया पटेल समाज के कार्यक्रम मे मौजदू होकर महिला रामायण मंडली को माँग अनुसार वाद यंत्र (हारमोनियम) भेट कि
और सभी को शाकम्भरी जयंती और छेर छेरा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं|महिला रामायण मंडली ने पार्षद हेमकुवर तारम से वाद यंत्र (हारमोनियम) की मांग की थी जिसे पार्षद महोदया जी ने आश्वासन दिया था पूर्ण करने का जिसे पूर्ण भी किया गया|महिला रामायण मंडली ने इस नेक कार्य के लिए धन्यवाद दिया.
हेमकुवर ने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ मुझे पार्षद बनाया है मैं उनकी विश्वास में जरूर खड़ा उतरने की कोशिश करूंगी.आने वाले समय में मैं समाज और महिलाओं के लिए हर संभव मदद करुँगी.
*त्योहार का अर्थ और महत्व*
नई फसल का उत्सव: यह नई फसल कटाई और अनाज घर आने की खुशी में मनाया जाता है.
दान और कृतज्ञता: यह दान और सहयोग का पर्व है, जहां लोग अपनी खुशी और अनाज दूसरों के साथ बांटते हैं.
सांस्कृतिक प्रतीक: यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति, एकता और लोक परंपराओं को दर्शाता है.
शुभकामनाएं: इस दिन लोग सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं.
"छेरछेरा माई कोठी के धान खाई": यह इस पर्व का प्रसिद्ध नारा है, जिसका अर्थ है 'हे माता, कोठी के धान खा जाओ' (यानी, भरपूर अनाज हो).