नेवरा बीएनबी शासकीय विद्यालय में प्रोजेक्ट अंतरिक्ष कार्यक्रम आयोजित।

नेवरा बीएनबी शासकीय विद्यालय में प्रोजेक्ट अंतरिक्ष कार्यक्रम आयोजित।

नेवरा बीएनबी शासकीय विद्यालय में प्रोजेक्ट अंतरिक्ष कार्यक्रम आयोजित।
तिल्दा नेवरा।
दिलीप वर्मा 
नेवरा बीएनबी शासकीय विद्यालय में प्रोजेक्ट अंतरिक्ष कार्यक्रम आयोजित।
बद्रीनारायण बगड़िया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा में जिला प्रशासन के रायपुर के तत्वाधान में आयोजित हुआ प्रोजेक्ट अंतरिक्ष कार्यक्रम
आज दिनांक 31.12.2025 को बद्रीनारायण बगड़िया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा में प्रोजेक्ट अंतरिक्ष कार्यक्रम जिला प्रशासन रायपुर की मदद से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष नरेेन्द्र शर्मा ,सौरभ जैन, डॉक्टर लक्ष्मण साहू ,वार्ड पार्षद रानी सौरभ जैन सेंचुरी सीमेंट ऊच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैकुॅॅठ के सेवानिवृत प्राचार्य श्री एस .के .पांडे के उपस्थिति मॆ आई डी वाय एम एफ के वक्ता श्री राजेश राजपूत और दुर्गेश कुमार के द्वारा प्रारंभ किया गया। उक्त कार्यक्रम के तहत राजेश राजपूत जी ने विद्यार्थियों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो की स्थापना, उसके प्रमुख केन्द्र, भारत की प्रमुख अंतरिक्ष उपलब्धियां जैसे एसएलवी3, एएसएलवी ,पीएसएलवी, जीएसएलवी ,lvm3 और चंद्रयान मिशन के बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित रॉकेट और उपग्रह तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी देना था। कार्यक्रम बहुत ही रोचक ,प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रहा ।रॉकेट लॉन्च कहां से करते हैं, रॉकेट में कितने चरण होते हैं ,रॉकेट में कौन-कौन से ईंधन का उपयोग करते हैं ।सैटेलाइट को अंतरिक्ष में ले जाने हेतु रॉकेट बनाए गए हैं ।पहला रॉकेट एसएलवी 3 सैटेलाइट लॉन्च करने हेतु 1980 में बनाया गया था जिसमें ठोस ईंधन का उपयोग किया गया जो 20 किलोग्राम से 40 किलोग्राम तक के उपग्रह भेज सकता था। इसके बाद असली ए एस एलवी रॉकेट बना जिसमे भी ठोस ईंधन का उपयोग किया गया इसके पांच चरण थे जो 150किलोग्राम तक के उपग्रह भेज सकता था।इसके बाद पीएसएलवी राकेट बनाया गया जिसमे ठोस और तरल ईधन थाऔर इसे कमाकऊ घोड़ा भी कहा जाता है अब एच आर एल एस एल वी M3 मानव को ले जाने वाला पहला रॉकेट 2026 में बनाए जाने का मिशन है जिसका नाम गगनयान मिशन रखा गया है ।इसके तहत तरल ईंधन का उपयोग किया जाएगा।टीम द्वारा विद्यार्थियों को रॉकेट ट्यूब से बनाना बताया गया । साथ ही चंद्रयान मिशन के तहत रोवर और लोडर की भी जानकारी दी गई ।विद्यार्थियों ने अपने रॉकेट और अंतरिक्ष से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं को प्रश्नों के माध्यम से शांत किया ।उक्त कार्यक्रम में तिल्दा नेवरा नगर पालिका की वार्ड पार्षद रानी सौरभ जैन ,शाला विकास समिति के अध्यक्ष श्री नरेंद्र शर्मा जी शाला विकास समिति के सदस्य डॉ लक्ष्मण साहू ,तिल्दा नगर के भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष मंडल सौरभ जैन, विद्यालय के व्याख्याता श्री खूबचंद कश्यप ,नरेंद्र रात्रे,कांति बारा, कुसुम नाग ,अल्का मिश्रा ,सविता वर्मा ,सुमन नेताम, खुशबू रामटेके, खिलेश्वर यदु,सुरेश कुमार सेन और मुकेश यदु उपस्थित थे ।उक्त कार्यक्रम में सेवानिवृत प्राचार्य श्री एस.के .पांडे जी ने विद्यार्थियों को अभिप्रेरित कर कहा कि हमारे नगर से कुुछ दूरी पर स्थित सिलयारी गांव के हिन्दी माध्यम का विद्यार्थी गौतम सोनी जो की वर्तमान में इसरो में कार्यरत है ।आप भी अच्छे तरह से पढ़ाई कर और अपनी जिज्ञासाओं को प्रश्नों के माध्यम से शिक्षकों से पूछ कर बहुत आगे बढ़े और अपना नाम रोशन करें ।वार्ड पार्षद रानी सौरभ जैन ने विद्यार्थीयो से कहा कि आप सब बहुत खुशनसीब हैं क्योंकि हमारे जिला प्रशासन रायपुर के मुखिया डॉक्टर गौरव सिंह जी और जिला शिक्षा अधिकारी रायपुुर श्री हिमांशु भारती जी ने आपके विद्यालय को इस प्रोजेक्ट अंतरिक्ष कार्यक्रम हेतु चयनित किया ।मैं उनका हृदय से धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने इस अंचल के विद्यार्थियों हेतु ऐसा रोचक प्रेरणादाई कार्यक्रम रखा ।आप सब इस कार्यक्रम से लाभान्वित हुए और इसी तरह आप भी अंतरिक्ष के क्षेत्र में विभिन्न संस्थानों में जाकर पढ़ाई करें और अपना भविष्य उज्जवल बनवाएं। अंत में संस्था के प्राचार्य ने आयोजक टीमऔर समस्त अतिथियों का हृदय से आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन रायपुर की पहल से ही यह कार्यक्रम इस संस्था में हो पाया, जिसमें आपने रॉकेट और उपग्रह के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की ।आप भी उक्त क्षेत्र में जाकर अपना और विद्यालय के साथ-साथ प्रदेश का और माता-पिता का नाम रोशन करें।

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