प्रेस विज्ञप्ति
*नववर्ष 2026 में आत्म-परिवर्तन से विश्व-परिवर्तन का संकल्प लें – बीके स्वाति दीदी*
31 दिसम्बर 2026, बिलासपुर। नववर्ष का आगमन केवल कैलेंडर बदलने का अवसर नहीं है, बल्कि यह स्वयं को नए सिरे से पहचानने, अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने और समाज में श्रेष्ठ मूल्यों की स्थापना का संकल्प लेने का पावन समय है। उक्त विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारिज ईश्वरीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर की मुख्य शाखा टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन की संचालिका बीके स्वाति दीदी ने नववर्ष के अवसर पर जारी अपने संदेश में व्यक्त किए।
बीके स्वाति दीदी ने कहा कि आज का मानव बाहरी सुख-सुविधाओं के बावजूद आंतरिक शांति और संतुलन की कमी अनुभव कर रहा है। तनाव, असंतोष, क्रोध और भय जैसे विकार व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे समय में नववर्ष हमें यह अवसर देता है कि हम बाहरी परिवर्तनों के साथ-साथ आंतरिक परिवर्तन पर भी ध्यान दें। जब मन शांत, पवित्र और सशक्त होगा, तभी जीवन में सच्ची खुशहाली आएगी।
उन्होंने कहा कि आत्म-परिवर्तन ही विश्व-परिवर्तन की प्रथम सीढ़ी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने विचारों, भावनाओं और कर्मों को श्रेष्ठ बनाए, तो परिवार, समाज और राष्ट्र में स्वतः सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा। राजयोग ध्यान के अभ्यास से व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप – शांति, प्रेम, आनंद और पवित्रता – का अनुभव कर सकता है। यही अनुभव जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देता है। बीके स्वाति दीदी ने यह भी कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में कुछ क्षण स्वयं के लिए निकालना अत्यंत आवश्यक है। प्रतिदिन कुछ समय मौन, ध्यान और आत्मचिंतन के लिए देने से मानसिक स्पष्टता बढ़ती है और निर्णय लेने की क्षमता सुदृढ़ होती है। नववर्ष पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम नकारात्मक सोच, व्यसनों और पुरानी कमजोरियों को छोड़कर सकारात्मक जीवनशैली अपनाएँगे।
उन्होंने युवाओं को विशेष संदेश देते हुए कहा कि युवा शक्ति ही समाज और राष्ट्र का भविष्य है। यदि युवा अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखते हुए आत्मबल, नैतिकता और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें, तो वे न केवल अपने जीवन को सफल बना सकते हैं, बल्कि समाज को भी नई दिशा दे सकते हैं। ब्रह्माकुमारीस संस्था युवाओं के सर्वांगीण विकास हेतु मूल्य-आधारित शिक्षा और राजयोग ध्यान के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है।
परिवारों के संदर्भ में बीके स्वाति दीदी ने कहा कि आज पारिवारिक संबंधों में मधुरता बनाए रखना एक चुनौती बनता जा रहा है। संवाद की कमी और अहंकार के कारण रिश्तों में दूरी आ रही है। नववर्ष पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम सहनशीलता, सम्मान और सहयोग की भावना को अपनाकर अपने रिश्तों को सशक्त बनाएँगे।
अंत में बीके स्वाति दीदी ने समस्त नागरिकों को नववर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह नया वर्ष सभी के जीवन में स्वास्थ्य, शांति, सफलता और खुशहाली लेकर आए। आइए, हम सभी मिलकर एक श्रेष्ठ, संस्कारवान और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण हेतु आत्मिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारें। यही सच्चा नववर्ष उत्सव है।
ईश्वरीय सेवा में,
बीके स्वाति
राजयोग भवन, बिलासपुर