व्यसन मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आज मंगलवार को नगर के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दल्ली राजहरा में "व्यसन से बचाए- सृजन में लगाएं"

व्यसन मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आज मंगलवार को नगर के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दल्ली राजहरा में "व्यसन से बचाए- सृजन में लगाएं"

व्यसन मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आज मंगलवार को नगर के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दल्ली राजहरा में "व्यसन से बचाए- सृजन में लगाएं"
व्यसन मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आज मंगलवार को नगर के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दल्ली राजहरा में "व्यसन से बचाए- सृजन में लगाएं"
 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आमंत्रित अतिथियों के द्वारा माता सरस्वती, छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के पूजन अर्चन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रभारी प्राचार्य के के दुबे ने कहा कि झुठे शान शौकत को प्रदर्शित करने के खोखले तरकीब में नशा के रूप में समाज में एक कुरीति, गलत परंपरा का रूप ले लिया है और समाज को तहस-नहस करके रख दिया है।

        मुख्य वक्ता के रूप में गायत्री परिवार के कार्यकर्ता कैलाश नाथ साहू शिक्षक ने जीवन के मूल्य के बारे में समझाते हुए कहा कि मूर्ति से बने हुए देवता प्रत्यक्ष अनुदान वरदान बरसाते हैं या नहीं, नहीं मालूम परंतु जीवन देवता को पूजने से उनकी उपासना करने से प्रत्यक्ष लाभ मिलता है इसलिए इस जीवन की देवता की पूजा करनी चाहिए, जब अंदर बैठा देवता जागृत हो जाते हैं तो व्यक्ति गलत काम में लिप्त नहीं होते और समाज के उत्थान कार्यों में अपने आप को लगाते हैं, खफाते हैं और देव तुल्य बन जाते हैं।
      तत्पश्चात द्वितीय वक्ता के रूप में गायत्री परिवार से पीलू राम साहू शिक्षक ने मनुष्य जीवन की गरिमा बताते हुए कहा कि इसी मानव शरीर में महापुरुष स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी , ईश्वरचंद्र विद्यासागर,भगवान श्रीराम , श्रीकृष्ण, बुद्ध, महावीर ,पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य आदि अवतार लेकर हम सबको मार्गदर्शन दिए और जीवन जीने की कला सिखायी।
आज मानव अपने बहुमूल्य जीवन को विभिन्न व्यसनों जैसे गुटखा, बीड़ी सिगरेट,तंबाकू, शराब, गुड़ाखू,चाय, काफी,अफीम, गांजा-भांग,पेप्सी, कोकोकोला,पान पराग, सिनेमा गंदा नाच गाना गंदी पुस्तके, व्यभिचार आदि में लिप्त होकर इस अनमोल शरीर के साथ ही परिवार व समाज को खोखला कर रहे हैं। अतः नशे को दूर भगाना है, खुशहाली को लाना है।
सोचो समझो बचो नशे से,जीवन जियो बड़े मजे से।
उक्त नारे लगाकर नशे से दूर रहकर सुंदर सुखमय जीवन जीने के लिए निवेदन किया गया। कार्यक्रम के अंतिम में सभी प्रशिक्षणार्थियों तथा उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को नशे से दूर रहने और अपने जीवन को शानदार बनाने हेतु संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण अधिकारी शिल्पी वर्मा, विरेंद्र कुमार बघेल, शिवेंद्र कुमार यादव, फनिल कुमार साहू, गीतांजलि, चतुर्थ वर्ग कर्मचारी भूपेंद्र यादव तथा सभी प्रशिक्षणार्थियों का सहयोग रहा।

Ads Atas Artikel

Ads Atas Artikel 1

Ads Center 2

Ads Center 3