*मनरेगा बचाओ अभियान पूरी तरह हास्यास्पद और कांग्रेस की राजनीतिक दिवालियापन का प्रतीक - डॉ. प्रतीक उमरे*
*मनरेगा बचाओ अभियान पूरी तरह हास्यास्पद और कांग्रेस की राजनीतिक दिवालियापन का प्रतीक - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कांग्रेस द्वारा 5 जनवरी 2026 से शुरू किए जाने वाले 'मनरेगा बचाओ अभियान' पर कड़ा प्रहार किया है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान पूरी तरह हास्यास्पद और राजनीतिक दिवालियापन का प्रतीक है क्योंकि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के मूल ढांचे में कोई कमजोर करने वाला बदलाव नहीं किया गया है बल्कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 (VB-G RAM G एक्ट) के तहत ग्रामीण रोजगार गारंटी को और मजबूत किया गया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने स्पष्ट किया कि नई योजना में ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिनों की बजाय 125 दिनों का गारंटीड रोजगार प्रदान किया जाएगा जो मनरेगा से 25 दिनों की वृद्धि है।यह बदलाव ग्रामीण मजदूरों और गरीब परिवारों के लिए अधिक आय और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।उन्होंने कहा कि कांग्रेस आधारहीन भ्रम फैला रही है कि मनरेगा कमजोर हो रही है जबकि वास्तविकता यह है कि मोदी सरकार ने इसे और सशक्त बनाया है।योजना में डिजिटल मॉनिटरिंग,तेज भुगतान और बेहतर जवाबदेही जैसे प्रावधान जोड़े गए हैं जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।कांग्रेस का 'मनरेगा बचाओ अभियान' वास्तव में उनकी अपनी राजनीतिक अस्तित्व की रक्षा का प्रयास है।कांग्रेस कार्यसमिति की हालिया बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी द्वारा इस अभियान की घोषणा की गई, जिसमें वे योजना के नाम बदलने और कथित कमजोर करने का आरोप लगा रहे हैं।लेकिन तथ्य यह है कि नई योजना विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है और ग्रामीण भारत की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को मनरेगा बचाने की चिंता करने की बजाय अपने अस्तित्व बचाने का अभियान शुरू करना चाहिए।जनता जानती है कि मनरेगा को यूपीए सरकार ने शुरू किया था लेकिन मोदी सरकार ने इसे पारदर्शी और प्रभावी बनाया है।कांग्रेस का यह ड्रामा केवल विपक्षी एकता दिखाने और ध्यान भटकाने का प्रयास है।