*राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम असौंदा में निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन*

*राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम असौंदा में निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन*

*राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम असौंदा में निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन*
*राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम असौंदा में निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन*
खरोरा 
ग्राम असौंदा में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में एक निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर पलक डेंटल केयर खरोरा से डॉक्टर सुनीता यादव (बी.डी.एस.डेंटिस्ट), एवं आर.के.यादव(डेंटिस्ट) के सहयोग से लगाया गया, जिसमें ग्रामीणों को दांतों की जांच एवं परामर्श की सुविधा निःशुल्क प्रदान की गई।
शिविर के दौरान विशेषज्ञ दंत चिकित्सकों द्वारा दांतों की जांच की गई तथा दंत रोगों से बचाव के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। ग्रामीणों को दांतों की सफाई, कैविटी, मसूड़ों की समस्याओं और नियमित दंत जांच के महत्व की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने भी अपनी दांतों का जांच कराया।


*बौद्धिक परिचर्चा कालखंड में सेवानिवृत्त हरीश देवांगन शामिल*
शिविर के छठवें दिन के बौद्धिक कालखंड में सेवानिवृत्त व्याख्याता व भरत देवांगन उपप्राचार्य हरीश देवांगन एवं शंपा चौबे प्राचार्य स्व.रामप्रसाद महाविद्यालय खरोरा ने रासेयो में स्वयंसेवकों का योगदान विषय पर बौद्धिक परिचर्चा में स्वयंसेवकों एवं ग्रामीणों को राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व, उद्देश्य, विशेषताओं एवं प्रतीक चिह्न के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान हरीश देवांगन ने बताया गया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य “नॉट मी, बट यू” की भावना के साथ युवाओं में सेवा, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना है। एनएसएस छात्रों को समाज की वास्तविक समस्याओं से जोड़कर उन्हें समाधान के लिए प्रेरित करता है।
बौद्धिक परिचर्चा में एनएसएस की प्रमुख विशेषताओं जैसे—समुदाय सेवा, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता का विकास, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक समरसता पर विशेष प्रकाश डाला गया। साथ ही एनएसएस के प्रतीक चिह्न के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसका प्रतीक अशोक स्तंभ के चक्र पर आधारित है, जो निरंतर गतिशीलता, प्रगति एवं सेवा भावना का प्रतीक है। चिह्न में प्रयुक्त लाल रंग युवाओं की ऊर्जा को दर्शाता है, जबकि नीला रंग ब्रह्मांडीय चेतना और व्यापक दृष्टिकोण का संकेत देता है।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकार शाहिना परवीन, ग्राम असौंदा सरपंच जितेंद्र चंद्राकर एवं समस्त स्वयंसेवी छात्र/छात्राएं उपस्थित थे।
श्री रोहित वर्मा जी की खबर

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