*बाबा जोरावर सिंह बाबा फतेह सिंह के वीरता शहादत की गाथाएँ शैक्षणिक पाठ्यक्रम में सम्मिलित हुई**वीर बाल दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुद्वारे में मत्था टेककर साहिबजादों की शहादत को किया नमन*
*बाबा जोरावर सिंह बाबा फतेह सिंह के वीरता शहादत की गाथाएँ शैक्षणिक पाठ्यक्रम में सम्मिलित हुई*
*वीर बाल दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुद्वारे में मत्था टेककर साहिबजादों की शहादत को किया नमन*
वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित रेलवे स्टेशन गुरुद्वारा पहुँचकर दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे पुत्र साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह जी एवं साहिबजादा बाबा फतेह सिंह जी की शहादत को नमन करते हुए श्रद्धापूर्वक मत्था टेका।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी से लेकर दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी तक सिख धर्म के सभी गुरुओं एवं उनके परिवारों ने देश, धर्म और मानवता की रक्षा के लिए कार्य किया और धर्म की रक्षा की खातिर गुरुओं ने शहादत दी। भारतीय इतिहास में सिख वीरों का योगदान अतुलनीय रहा है, जिसने राष्ट्र की अस्मिता और आत्मसम्मान की रक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर बाल दिवस, गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों की असाधारण वीरता, धर्मनिष्ठा और शहादत की स्मृति का प्रतीक है। उनकी शहादत को चिरस्थायी स्मरण देने हेतु प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा की गई है, जो आज देशभर में भव्य एवं विराट स्वरूप में नमन करते हुए श्रद्धा पूर्वक मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अत्यंत अल्प आयु में भी साहिबजादों ने अन्याय, अत्याचार और धर्मांतरण के दबाव के सामने झुकने से इनकार किया तथा सत्य और धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन संदेश देता है कि साहस, सत्य और आत्मसम्मान ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सिख समाज की मांग पर राज्य सरकार द्वारा साहिबजादों की बलिदान गाथाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम एन सी ई आर टी में शामिल किया गया है, जिसे कक्षा तीसरी के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को साहिबजादों के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के अनेक महान वीर बलिदानों को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया जिसके वे वास्तविक अधिकारी थे। वीर बाल दिवस की घोषणा कर सरकार इन शौर्य गाथाओं को समाज के जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रही है। राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए श्री साय ने कहा की कुछ दिन पूर्व वीर बाल रैली में हजारों बच्चे सम्मिलित हुए यह कार्यक्रम भी बच्चों में उसी वीरता का संदेश देने के लिए था
इस अवसर पर क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, स्काउट गाइड के आयुक्त इंद्रजीत सिंह गोल्डी गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा दलजीत चावला सहित सिख समाज के अनेक प्रतिनिधिगण एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।