*कांग्रेस का संचार साथी ऐप पर झूठा प्रलाप जनता को गुमराह करने की साजिश - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कांग्रेस पार्टी पर संचार साथी ऐप को लेकर लगातार झूठ,अफवाह और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आचरण उसकी पुरानी आदत का प्रमाण है कि जब उसके पास कोई मुद्दा नहीं बचता,तो वह जनहितैषी योजनाओं को भी बदनाम करने में लग जाती है।संचार साथी ऐप आज के डिजिटल युग में आम नागरिक की जेब और उसकी निजता दोनों की रक्षा करने वाला देश का सबसे सफल और उपयोगी सरकारी उपकरण है।इसने लाखों लोगों के खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल फोन वापस दिलाए हैं,साइबर ठगी के लाखों फर्जी सिम कार्ड ब्लॉक किए हैं और सिटीजन इलेक्ट्रॉनिक फैसिलिटी के माध्यम से आम आदमी को तुरंत पुलिस सहायता उपलब्ध कराई है।आंकड़े गवाह हैं कि 2023 से अब तक 20 लाख से अधिक खोए/चोरी हुए फोन ट्रेस किए जा चुके हैं और 85 लाख से ज्यादा संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन ब्लॉक किए गए हैं।यह मोदी सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ और "सुरक्षित भारत" की सोच का जीता-जागता प्रमाण है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब देश की जनता साइबर ठगों से बच रही है,तब कांग्रेस के नेता बिना कोई तथ्य,बिना कोई आंकड़ा और बिना कोई सबूत के बस सोशल मीडिया पर झूठ परोस रहे हैं कि यह ऐप निजता भंग करता है।कांग्रेसी नेताओं में तकनीकी ज्ञान का इतना आभाव है कि जिस ऐप में खुद यूपीए सरकार ने आधार बनाने के समय भी गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा था,उसी डेटा सिक्योरिटी मॉडल पर चलने वाले संचार साथी को कांग्रेस ‘जासूसी ऐप’ बता रही है।यह कांग्रेस पार्टी की बौखलाहट नहीं तो और क्या है।कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि जब उनके शासन में 2जी,कोलगेट,कॉमनवेल्थ जैसे घोटाले हो रहे थे,तब जनता की जेब कट रही थी और उनकी निजता की कोई फिक्र नहीं थी।आज जब मोदी सरकार जनता की जेब बचाने और सुरक्षा देने का काम कर रही है,तब कांग्रेस के पेट में दर्द हो रहा है है।यह ऐप कोई नई जासूसी नहीं कर रहा,बल्कि पहले से मौजूद आईएमईआई डेटाबेस और टेलीकॉम रेगुलेशन के तहत ठगों को पकड़ रहा है।अगर कांग्रेस के किसी नेता का फोन कभी चोरी हुआ हो तो वे खुद इस ऐप से फोन ट्रेस करवा लें,फिर पता चलेगा कि जनता का कितना बड़ा उपकार हो रहा है।
भवदीय
डॉ. प्रतीक उमरे
पूर्व एल्डरमैन
नगर निगम दुर्ग।