हर साल 29 जुलाई को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन शानदार और शक्तिशाली जंगली बिल्लियों को समर्पित है,

हर साल 29 जुलाई को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन शानदार और शक्तिशाली जंगली बिल्लियों को समर्पित है,

हर साल 29 जुलाई को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन शानदार और शक्तिशाली जंगली बिल्लियों को समर्पित है,
हर साल 29 जुलाई को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन शानदार और शक्तिशाली जंगली बिल्लियों को समर्पित है, जिन्हें हम बाघ कहते हैं। बाघ न केवल प्रकृति की
 सबसे खूबसूरत रचनाओं में से एक हैं, बल्कि हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लेकिन आज ये राजसी जीव विलुप्त होने की कगार पर हैं। इस लेख में हम बाघों की दुनिया, उनके महत्व, संरक्षण की जरूरत और चुनौतियों को रोचक और सरल तरीके से जानेंगे।बाघ को जंगल का राजा कहा जाता है। उनकी नारंगी-काली धारियों वाली खाल, तेज आँखें और शक्तिशाली शरीर उन्हें प्रकृति का एक अनमोल रत्न बनाते हैं। बाघ दुनिया की सबसे बड़ी जंगली बिल्लियों में से एक हैं और इनकी छह उप-प्रजातियाँ हैं: बंगाल टाइगर, साइबेरियन टाइगर, सुमात्रन टाइगर, इंडोचाइनीज टाइगर, मलायन टाइगर और दक्षिणी चीनी टाइगर। इनमें से बंगाल टाइगर मुख्य रूप से भारत में पाया जाता है, जो विश्व के 70 प्रतिशत बाघों का घर है।बाघ का हर हिस्सा उसकी ताकत और सुंदरता को दर्शाता है। उनकी गर्जना कई किलोमीटर तक सुनाई देती है, और उनकी तेज चाल और शिकारी कौशल उन्हें जंगल का निर्विवाद शासक बनाते हैं। लेकिन बाघ केवल एक शिकारी नहीं है; वे जंगल के संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस की शुरुआत 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुई थी। उस समय बाघों की संख्या में खतरनाक गिरावट देखी जा रही थी। विश्व वन्यजीव कोष (WWF) के अनुसार 20वीं सदी में 97 प्रतिशत जंगली बाघ विलुप्त हो चुके थे, और केवल 3,900 बाघ ही बचे थे। इस चिंताजनक स्थिति को देखते हुए 13 बाघ रेंज वाले देशों ने मिलकर सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर समिट में हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाने का फैसला लिया गया ताकि लोगों में बाघ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा 29 जुलै 2025 बाघ प्रकती राजा शाही का प्रतीक एवं महत्व संरक्षण की जरुरत पर्यावरण प्रकती वन्य प्रेमी प्रशांत कुमार क्षीरसागर आंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर जानकारी देते हुए बताया उनतीस जुलाई यह दिन हमे प्रेरित करता है कि सुरक्षित एवम समृद्धी भविष्य को बनाना है यह दिन विशेष पर हम सबको संकल्प हर व्यक्ति को शानदार शानदार जिओ को बचाने के लिए हर प्रयास करणा चाहिये आंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस थीम 2025 बाग संरक्षण बाघवाले देशो मे रणनीती विज्ञान आधारित और सहयोग त्मक कार्य पर आधारित है सामूहिक विरोध शिकार प्रयास आवास संरक्षण उपाययो से लेकर उन्नतं तकनीची हस्तक्षेप और ही स्थानीय सामुदायिक सामूहिक शामिल है 2025 इस वर्ष की थीम है

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