धर्मेंद्र कुमार श्रवण शिक्षाश्री को मिला वागेश्वरी धारा रत्न सम्मान 2024
धारा पब्लिकेशंस इंडिया धमतरी एवं मितान धारा फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 17 मार्च 20240 दिन रविवार वागेश्वरी धारा रत्न सम्मान 2024 व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ .खेदू भारती "सत्येश" द्वारा सृजित पूर्णिका संग्रह, हिन्दी काव्य संग्रह छत्तीसगढ़ी पूर्णिमा संग्रह, राष्ट्रीय साझा काव्य संग्रह विमोचन समारोह हाॅटल सीमोन इन कांन्फ्रेंस कोठारी पार्क टिकरापारा बस्तर रोड धमतरी छ.ग सभागार में आयोजित हुआ । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथ के रुप में यशवंत देवान ,अध्यक्षता डॉ .श्री दिग्विजय सिंह कृदत्त, विशिष्ट अतिथि दीप शर्मा जी, अनिल सालुंके , डूमन लाल ध्रुव एवं देवेन्द्र मिश्रा के करकमलों द्वारा बेहतरीन कार्यक्रम का आयोजन हुआ ।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश के 13 विभूतियों को जो साहित्यिक सांस्कृतिक व विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान हेतु उन्हें वागेश्वरी धारा रत्न सम्मान 2024 के साथ पुस्तिका, श्रीफल, आकर्षक प्रतीक चिन्ह व गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया । इस कार्यक्रम में दल्लीराजहरा से धर्मेंद्र कुमार श्रवण शिक्षाश्री ने लगातार अपने लेखनी को संवारने एवं मन के भाव को उकेरते हुए हर माह प्रकाशित होने वाली पत्रिका महानदी की धारा में लेख छपती रही।
अनवरत कविता प्रकाशित होने पर धारा काव्य रत्न अलंकरण सम्मान 2024 से भी नवाजा गया । नवोदित कलमकार जिसने कोरोनाकाल के समय से आज पर्यंत अपनी पैनी लेखनी के माध्यम से शिक्षा के साथ साथ साहित्य के क्षेत्र में भी समसामयिक इंवेंट्स पर अपने भावनाओं को सृजित करने का प्रयास किया है वह प्रशंसनीय व सराहनीय रहा है । अब तक उनके द्वारा हिंदी व छत्तीसगढ़ी भाखा में स्वरचित गीत ,कहानी, कविता व अन्य विधाओं में उल्लेखनीय योगदान दिया है । उनके द्वारा सृजित रचनाएं पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है । यह सम्मान उन्हें साहित्यिक, सांस्कृतिक व समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट व अमूल्य योगदान के लिए धारा पब्लिकेशन्स इंडिया संस्थान धमतरी ने यह सम्मान प्रदान किया गया।
इसके इस स्वर्णिम उपलब्धि पर हस्ताक्षर साहित्य समिति दल्लीराजहरा,मधुर साहित्य समिति बालोद , राष्ट्रीय कवि संगम बालोद , साहित्य सृजन संस्थान रायपुर, मगसम बिलासपुर ऐसे महान साहित्य संस्थानों ने हर्षित मन से बधाईयां एवं शुभकामनाएं संप्रेषित किये हैं ..।