भगवान के नाम का जप यदि पवित्र तन और मन से गुरुमन्त्र से किया जाए तो शीघ्र फल मिलता है ,, सन्त राम बालक दास जी

भगवान के नाम का जप यदि पवित्र तन और मन से गुरुमन्त्र से किया जाए तो शीघ्र फल मिलता है ,, सन्त राम बालक दास जी

भगवान के नाम का जप यदि पवित्र तन और मन से गुरुमन्त्र से किया जाए तो शीघ्र फल मिलता है ,, सन्त राम बालक दास जी

भगवान के नाम का जप यदि पवित्र तन और मन से गुरुमन्त्र से किया जाए तो शीघ्र फल मिलता है ,, सन्त राम बालक दास जी 

,,बालोद जिला पाटेश्वर धाम के महात्यागी संत श्री राम बालक दास जी का सत्संग प्रतिदिन अपने भक्त गणों के लिए प्रातः 10:00 से 11:00 बजे उनके व्हाट्सएप ग्रुप में आयोजित किया जाता है जिसमें सभी भक्तगण जुड़कर अपनी विभिन्न धार्मिक ,समसामयिक , व्यवहारिक पारिवारिक एवं विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाओं का बाबाजी के श्री मुख से समाधान प्राप्त करते हैं, एवं अपने ज्ञान में वृद्धि तो करते ही हैं साथ में विभिन्न दुविधाओं से भी मुक्ति प्राप्त करते हैं।

वर्तमान के 11 दिवसीय गणेश पर्व पर विभिन्न जिज्ञासाए,, प्रतिदिन बाबाजी के समक्ष रखी जाती है और बाबा जी उनका समाधान भी अपने भक्तों को देते हैं आज ठाकुर राम साहू जी ने जिज्ञासा रखी की, "धनी भवानी.....हैँ दासी ||"पद पर व्यख्या करते हुए बाबा जी ने बताया कि भगवान श्री गणेश जी की अनंत महिमा हैं इन्हीं में से यह पंक्तियां उद्धृत की गई है,धन्य है माता पार्वती जिन्होंने पुत्र रूप में श्री गणेश भगवान को प्राप्त किया,जो अचल हैँ,अखंड है, अविनाशी है साक्षात परम ब्रह्म के रूप है, ऐसे भक्तों के हितकारी और भव बाधा को दूर करने वाले भगवान श्री गणेश को आपने पुत्र रूप में प्राप्त किया जो विद्या बुद्धि गुणों के भंडार है,जो संपूर्ण दुखो का नाश करने वाले हैं जिनकी रिद्धि सिद्धि दासी है पत्नी रूप में उनके साथ विराजमान रहती है शुभ और लाभ उनके पुत्र हैं और माता लक्ष्मी उनके साथ हमेशा विराजमान होती है ऐसे श्री भगवान गणेश को हम नमन करते हैं।
            
 गिरधर सोनवानी जी ने जिज्ञासा रखी की लोभ मोह माया रचित इस संसार में भगवान के नाम का जाप किस प्रकार किस विधि से करें जिससे कलयुग का प्रभाव ना रहे कृपया मार्गदर्शन करने की कृपा हो, बाबा जी ने बताया कि भगवान के नाम को जपने की विधि कई प्रकार से है और इसके लिए कोई प्रतिबंध भी नहीं है वैसे तो हम सोते उठते जागते हर छन भगवान के नाम का जप कर सकते हैं लेकिन विधि पूर्वक कहे तो,गुरु के द्वारा बताए गए मंत्र को सुचिता ,पवित्रता,स्वच्छता और स्वच्छ मन के साथ किया जाए तो वह अनंत गुना फल देता है,जिस तरह से किसी मंजिल को पाने के लिए कई रास्ते होते हैं लेकिन सबसे छोटा रास्ता मंजिल को सबसे पहले प्राप्त करवा देता है वैसे ही भगवान के जप के कई प्रकार हो सकते हैं लेकिन उसे पवित्रता स्वच्छता और गुरु के द्वारा बताए गए नियमों से अगर किया जाए तो हम भगवान को जल्दी प्राप्त कर लेते हैं।
         
 इस प्रकार आज का ऑनलाइन सत्संग संपन्न हुआ 
श्री पाटेश्वर धाम के सत्संग से जुड़ने हेतु 9425510729 पर अपना नाम पता लिखकर भेजें।

 जय गौ माता जय गोपाल जय सियाराम

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