श्री गणेश के रूप को देखकर हमें जीवन जीने की शिक्षा प्राप्त होती है,,, श्री राम बालक दास जी

श्री गणेश के रूप को देखकर हमें जीवन जीने की शिक्षा प्राप्त होती है,,, श्री राम बालक दास जी

श्री गणेश के रूप को देखकर हमें जीवन जीने की शिक्षा प्राप्त होती है,,, श्री राम बालक दास जी

श्री गणेश के रूप को देखकर हमें जीवन जीने की शिक्षा प्राप्त होती है,,, श्री राम बालक दास जी 

1 सितंबर,,, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध तीर्थ श्री राम जामडी पाटेश्वर धाम के संत राम बालक दास महात्यागी जी के द्वारा प्रतिदिन सुबह 10:00 से 11:00 व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन सत्संग का आयोजन किया जाता है जिसमें समसामयिक धार्मिक आध्यात्मिक विषय पर परिचर्चा होती है और सैकड़ों भक्तजन, माताएं एवं विद्वान जन प्रतिदिन सत्संग में जुड़ते हैं आज के सत्संग परिचर्चा में संत श्री राम बालक दास जी ने गणेश पर्व पर विशेष चर्चा की उन्होंने भगवान श्री गणेश के दिव्य रूप का वर्णन करते हुए कहा की भगवान विघ्नहर्ता श्री गणेश के हर एक स्वरूप में हमें जीवन जीने की शिक्षा मिलती है भगवान श्री गणेश का विशाल मस्तक हमें बताता है कि हमारा मस्तिष्क विशाल होना चाहिए जिसमें सोचने समझने का विवेक हो।

1,, भगवान श्री गणेश के सूपकर्ण रूप विशाल कान देखकर हमें शिक्षा लेनी चाहिए कि हमें सबका सुनना चाहिए और अपने विवेक का इस्तेमाल करके ही कार्य करना चाहिए।

2,, भगवान श्री गणेश के छोटे मुंह को देखकर हमें शिक्षा लेनी चाहिए कि हमें वाचाल नहीं होना है कम बोले पर सत्य का ही संभाषण करें।
 
3,, भगवान श्री गणेश के विशाल उदर अर्थात लंबोदर को देखकर शिक्षा लें कि जिस तरह हम बहुत सारे भोजन को खाकर पचा लेते हैं इसी तरह संसार की बहुत सी बातों को पचाने की क्षमता हमने होनी चाहिए।

4,, भगवान श्री गणेश के वाहन मूषक को देख कर भी हमें शिक्षा मिलती है कि हम कितने महान हो जाए। लेकिन हमें सहयोग करने वाले छोटे से छोटे व्यक्ति का
 हमें आदर करना चाहिए जिस तरह गजमुखासुर दानव को मूषक बनाकर श्री गणेश जी ने अपना वाहन बना लिया,,
इस तरह बाबाजी के द्वारा विघ्नहर्ता श्री गणपति के बहुत ही सुंदर भजन
 ,, जय गणपति जय गणनायक,, के साथ आज का सत्संग संपन्न हुआ 
जय सियाराम जय गौ माता जय गोपाल

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