नंदी बैल की पूजा कर किसानों ने की अच्छी फसल की कामना
बालोद. जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पोला का पर्व शनिवार को हर्षोल्लस के साथ मनाया गया। घर-घर में नंदी बैल की पूजा कर किसानों ने अच्छी फसल की कामना की। मोहल्लों की गलियों में छोटे बच्चे नंदी बैल लेकर खेलते नजर आए। लड़कियां भी चूकी (चुकिया) -पोरा लेकर समूह बनाकर दिनभर खेल में जुटी रही। घर-घर विभिन्न पकवान बनाए गए। भगवान भोलेनाथ की सवारी नंदी की विशेष पूजा कर भोग लगाया गया। पोला को लेकर कुछ दिन पहले से ही त्यौहारी माहौल नजर आने लगा था। बाजार में बड़ी संख्या में नंदी बैल बिकने पहुंचे थे। लोगों ने अपने बच्चों के लिए नंदी बैल, चूकी पोरा व अन्य सामानों की खरीदारी की थी। छोटे बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
बच्चों ने बैलों की आपस में कराई रेस
घरों में नंदी बैल की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद बच्चे मिट्टी व लकड़ी के बने नंदी बैल को लेकर दिनभर मोहल्लों में घूमते नजर आए। बच्चों ने अपने बैलों की सजावट भी की थी। कई बच्चे अपने बैलों की आपस में रेस लगाते रहे। कई लोगों ने नंदी बैल लेकर घूमने के बाद अंत में एक-दूसरे के बैल के साथ टक्कर भी कराई और यह साबित किया कि किसका बैल अधिक मजबूत है।
लड़कियां गृहस्थी के सामान से खेलती नजर आई
दूसरी ओर लड़कियों ने इस दौरान घर गृहस्थी में प्रयुक्त होने वाले सभी सामनों को लेकर चूकी पोरा का खेल खेलती नजर आई। खेल-खेल में तरह-तरह के पकवान बनाकर एक-दूसरे को खिलाती रही। नंदी-बैल को लेकर छोटे बच्चे भी इन घरों में पकवान खाने पहुंचाते रहे।