विजय ने अपना जन्मदिन सादगी के रूप में संत लाल साई वह गोविंद के संग मनाया

विजय ने अपना जन्मदिन सादगी के रूप में संत लाल साई वह गोविंद के संग मनाया

विजय ने अपना जन्मदिन सादगी के रूप में संत लाल साई वह गोविंद  के संग मनाया

विजय ने अपना जन्मदिन सादगी के रूप में संत लाल साई वह गोविंद  के संग मनाया

जन्म और मरण ऊपर वाले के हाथ में रहता है पर जब हम जन्म लेते हैं तो घर में बहुत सारी खुशियां आ जाती है हमारे माता-पिता जब हम छोटे रहते हैं तो हमारा जन्म उत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते हैं ओर जब हम  बड़े हो जाते हैं तो धीरे-धीरे जन्म उत्सव मनाना कम कर देते हैं पर विगत दिनों करोना  महामारी ने लोगों के घरों में खुशियां कम और गम ज्यादा दिए हैं इसीलिए अब लोग चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खुशियां जितनी हो सके बटोर ले  क्योंकि जिंदगी का भरोसा नहीं जाने-माने पत्रकार और फोटोग्राफर समाजसेवी विजय दुसेजा ने प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अपना जन्म उत्सव सादगी के रूप में संत जनों के आशीर्वाद के साथ मनाया
सुबह उठकर तैयार होकर ब्रह्मलीन पूजनीय मां कलावती दुसेजा पूज्य पिताजी प्रताप राय दुसेजा जी के फोटो पर धूप अगरबत्ती जलाकर माथा टेक कर श्री झूलेलाल मंदिर चकरभाटा के लिए प्रस्थान किया मंदिर पहुंचकर माथा टेका विश्व  कल्याण के लिए अरदास की प्रार्थना की  एवं संत लाल साई जी के सानिध्य में अपना 44 वा जन्म उत्सव के अवसर पर केक काटा साई  जी को खीलाया ओर आशीर्वाद लिया
साईं जी  ने इस अवसर पर विजय  का सम्मान किया वह दिन दुगनी रात चौगुनी तरक्की करो समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाते रहो भगवान झूलेलाल का आशीर्वाद सदा तुम्हारे परिवार पर  बना रहे जुग जियो विजय यह कहकर गले लगा लिया रात्रि में 10:00 बजे पूजा अर्चना करके गोविंद के संग दूसरा केक काटा पूज्य माता जी पूज्य पिताजी को भोग लगाकर परिवार वालों को व पूज्य सिंधी पंचायत कश्यप कॉलोनी के अध्यक्ष भाई जगदीश को खिलाया आशीर्वाद लिया 
बधाइयों का सिलसिला जन्मदिन के 1 दिन पूर्व रात्रि 12:00 बजे से ही शुरू हो गया था जो निरंतर दूसरे दिन भी रात्रि तक चलता रहा फोन के माध्यम से सोशल मीडिया के माध्यम से हिन्द से लेकर सिंध तक  लोगों ने बधाइयां दी इन सब का प्यार आशीर्वाद ही मेरी ताकत है और शक्ति है नहीं  तो मैं तो कुछ भी नहीं हूं आज मैं अपनी मां को बहुत मिस कर रहा हूं मैं जो कुछ भी आज हूं उन्हीं की बदौलत हूं वह मेरी ताकत थी मेरी शक्ति थी और हमेशा रहेगी उन्हीं के बताए मार्ग पर चल कर आगे बढ़ रहा हूं
जिन लोगों ने बधाइयां दी उनको धन्यवाद वह आप सभी लोगों का प्यार विश्वास यूं ही बना रहे।

जय झूलेलाल



श्री विजय दुसेजा जी की खबर 

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