प्रभु का प्रसाद खाने से शक्ति प्राप्त होती है,,, ब्रह्माकुमारी दीदी सरोज

प्रभु का प्रसाद खाने से शक्ति प्राप्त होती है,,, ब्रह्माकुमारी दीदी सरोज

प्रभु का प्रसाद खाने से शक्ति प्राप्त होती है,,, ब्रह्माकुमारी दीदी सरोज

प्रभु का प्रसाद खाने से शक्ति प्राप्त होती है,,, ब्रह्माकुमारी दीदी सरोज

ठंडी गई गर्मी गई बरसात आई  कई सारे तीज त्यौहार लाई सूखे को हटाई  गर्मी को घटाई  ठंडक लाई बरसात आई बच्चों के स्कूल खुलने  लगे बच्चे  खेलने कूदने लगे यह सब देखकर बचपन की याद आई देखो बरसात आई वैसे तो भगवान का कोई एक महा एक दिन नहीं होता है बल्कि हर श्वास भगवान की होती है फिर भी शास्त्रों के अनुसार इस सावन का महा प्रभु भोलेनाथ जी के नाम से पूजा पाठ किया जाता है कहा जाता है जो भी आपको दुख दर्द तकलीफ हो अगर सावन के महा में भगवान भोलेनाथ जी को श्रद्धा  भक्ति से बेलपान कच्चा दूध और गंगाजल चढ़ाया जाए तो भगवान भोलेनाथ उसके सब दुख दर्द दूर कर देते हैं देशभर में सावन उत्सव मनाया जाता है जगह-जगह लोग  कावर लेकर  जल भरकर मंदिरों में जाते हैं भोलेनाथ को जल चढ़ाते हैं कई लोग दान पुण्य करते हैं सत्संग कीर्तन का आयोजन करते हैं महीना भर लोग भक्ति में डूबे रहते  है इसी कड़ी में बिलासपुर वासियों को भी ब्रह्मकुमारी राजयोगिनी आदरणीय सरोज दीदी राजयोगिनी आदरणीय करुणा दीदी नीरज बहन सीमा बहन उत्तर प्रदेश के कासगंज से बिलासपुर पधारे प्रियदर्शनी नगर में अपने दर्शन दिए अमृतवाणी से  सत्संग  कर  भक्तों को निहाल किया।
दीदी सरोज ने अपने बचपन की बाबा के साथ बिताए हुए पल को याद करके बताया कि किस तरह बाबा के गोद में खेली पली-बढ़ी बाबा को भोग लगाया वह जब भी आश्रम में कोई विशेष कार्य होता था तो भोजन की सेवा मुझे दी जाती थी और प्रभु को प्रसाद भी मैं लगाती थी जब आप कभी भी भगवान के पूजा के लिए भोग के लिए प्रसाद बनाते हैं सबसे पहले तन व मन को साफ और सुंदर रखें उसके बाद बर्तन साफ होना चाहिए और जो भी प्रसाद बनाएं वह सच्चे मनसे प्रभु का ध्यान लगाकर उनका नाम जप कर शुरुआत करें और जब आप प्रसाद बना कर प्रभु को अर्पण करते हैं   और   साध संगत में वितरण करते हैं तो उस प्रसाद में अमृत समा जाता है यह प्रभु की कृपा है उसकी लीला है वह प्रभु भक्तों के भाव भक्ति के भूखे हैं खानपान के नहीं आप सच्ची भक्ति से भाव से प्रभु को जो भी अर्पण करेंगे प्रभु उसे।  ग्रहण  करेंगे चाहे वह अनाज  का एक दाना  ही क्यों ना हो जब आप सच्चे मन से प्रसाद को ग्रहण करते हैं तो  तन के  साथ-साथ मन भी आपका तृप्त हो जाता है और शरीर में एक अद्भुत ताकत आ जाती है प्रभु का प्रसाद भोजन भंडारा ग्रहण  करने से स्वास्थ्यवर्धक लाभ  मिलता  है व सर्व  कार्य सफल होते है।
भाव अगर सच्चा हो भक्ति अगर सच्ची हो तो कहीं भी आपको जाने की जरूरत नहीं है प्रभु आपके साथ हमेशा हर् समय  रहेंगे आपके सब दुख दर्द हर लेंगे आपके झोलि में  खुशि भर देंगे मेरा बाबा बड़ा भोला है बड़ा प्यारा है और आप सब का है
इस अवसर पर राखी दीदी के द्वारा भक्ति भरे भजन गाए गए जिसे सुनकर भक्तजन भाव विभोर हो गए सत्संग के आखिर में प्रार्थना की गई बाबा को भोग लगाया गया आई हुई साध संगत को प्रसाद वितरण किया गया दीदी सरोज  द्वारा आशीर्वाद दिया गया ।
इस शुभ घड़ी में बिलासपुर से भी ब्रम्हाकुमारी बहन कांता दीदी राखी दीदी शालू दीदी लता दीदी प्रीति दीदी नीति दीदी एवं अन्य ब्राह्मम कुमारी बहने बिलासपुर  के सभी सेवा केंद्र से विशेष रूप से उपस्थित थीं
इस आयोजन को सफल बनाने में समस्त ब्रम्हा कुमारी बहनों भारतीय सिंधु सभा महिला विंग पूज्य सिंधी सेंट्रल महिला विंग बिलासपुर की सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।


श्री विजय दुसेजा जी की खबर 

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