दादा जेपी वासवानी का चतुर्थ निर्वाण दिवस पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई
साधु वासवानी मिशन छत्तीसगढ़ इकाई के के द्वारा दादा जेपी वासवानी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई सत्संग का आयोजन किया गया सत्संग सिंधी कॉलोनी में 4:00 से 6:00 तक
कार्यक्रम की शुरुआत दादा साधु वासवानी ,,दादा जशन वासवानी जी के फोटो पर माला अर्पण कर दीप प्रज्वलित करके की गई इस अवसर पर दादा का संदेश टीवी के माध्यम से भक्तजनों को सुनाया गया सपना कलवानी चित्रा पंजवानी के द्वारा भक्ति भरे भजन गाय गए
दादा प्यारे दादा प्यारे चरणों में रहूं तेरे
राम आयो श्याम आयो गायो का गोपाल आया
चाहू तुझे दादा सुबह शाम
गोपाला नंदलाला बंसी बजाए कृष्ण लाला
ऐसे अन्य कई भजन गाए जिसे सुनकर भक्तजन झूम उठे
सपना कलवानी के द्वारा दादा के जीवन के बारे में प्रकाश डाला
सादगी करुणा और विनय की प्रतिमूर्ति ब्रह्मलीन दादा जेपी वासवानी का निर्वाण दिवस है ब्रह्मलीन दादा जेपी वासवानी भारतीय सिंधी आध्यात्मिक गुरु थे साधु टीएल वासवानी द्वारा स्थापित गैर सरकारी संगठन साधु वासवानी मिशन के प्रमुख थे जीव मात्र के प्रति उनके मन में आघात प्रेम था विश्व के अनेक देशों में साधु वासवानी मिशन के द्वारा उनके मार्गदर्शन में सेवा कार्य किए जा रहे थे दादा वासवानी जी ने शिकागो में विश्व संसद को कोलंबो में विश्व हिंदू सम्मेलन को संबोधित किया था आध्यात्मिक नेताओं को वैश्विक मंच पर संबोधित किया संयुक्त राष्ट्र सहस्त्रबद्दी विश्व शांति शिखर सम्मेलन और लंदन में हाउस आफ कॉमन्स में संसद सदस्य जैसे प्रमुख मंच को संबोधित किया था।
विश्व शांति के लिए उनकी समर्पित सेवा एवं प्रयासों के लिए अप्रैल 1998 में उन्हें यू थान्त शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। दादा जेपी वासवानी के मार्गदर्शन में दुनिया भर में साधु वासवानी केंद्रों के माध्यम से उनकी गतिविधियों के माध्यम से प्यार और सेवा का संदेश दिया गया दुनिया भर के साधु वासवानी मिशन केंद्रों द्वारा गरीबों जरूरतमंदों परिवारों को आवश्यक सहायता किराने की चीजें शैक्षणिक स्कूल के बच्चों की जरूरतें पूरी करने का कार्य किया जाता था मुफ्त मोतियाबिंद संचालन चिकित्सा सेवा आयोजित किए जाते थे दादा वासवानी सफल आध्यात्मिक अहिंसक प्रेरणादायक लेखक थे उन्होंने लगभग 150 से ज्यादा किताबें लिखी थी उनका जन्म 2 अगस्त 1918 हैदराबाद सिंध जो वर्तमान में पाकिस्तान में है हुआ था विभाजन के पश्चात उन्होंने अपनी कर्मभूमि पुणे में साधु वासवानी मिशन को बनाया वे मानवतावादी दार्शनिक लेखक प्रभावशाली वक्ता अहिंसा के मसीहा और गैर सांप्रदायिक आध्यात्मिक गुरु थे जीवन भर उन्होंने शाकाहार और पशु अधिकारों को बढ़ावा देने के क्षेत्र में जबरदस्त कार्य किए दुनिया में प्यार और शांति का संदेश फैलाया ,, कार्यक्रम के आखिर में आरती की गई अरदास की गई विश्व कल्याण के लिए पल्लो पाया गया प्रसाद वितरण किया गया।
आज के इस आयोजन को सफल बनाने में चित्रा पंजवानी सपना कलवानी सरिता सोनिया कलवानी
पूनम बजाज लता। कलवानी दीपा पुष्पा गवलानी छाया कविता चावला आशा सरला राजकुमारी सजनानी
श्रीमती ज्योति वाणी पंजवानी श्रुति पंजवानी डॉक्टर एकता कलवानी रमेश राजेश सुरेश हेमंत राजू वासु कलवानी ज्ञान पंजवानी ज्ञान पंजवानी व अन्य लोगों का सहयोग रहा।
श्री विजय दुसेजा जी की खबर