मधुशाला में ताला लगने की बजाय करोड़ों की चोरी, ऊपर से भूपेश की सीनाजोरी : विक्रम ध्रुवे

मधुशाला में ताला लगने की बजाय करोड़ों की चोरी, ऊपर से भूपेश की सीनाजोरी : विक्रम ध्रुवे

मधुशाला में ताला लगने की बजाय करोड़ों की चोरी, ऊपर से भूपेश की सीनाजोरी : विक्रम ध्रुवे

मधुशाला में ताला लगने की बजाय करोड़ों की चोरी, ऊपर से भूपेश की सीनाजोरी : विक्रम ध्रुवे



डोंडी/दल्ली राजहरा:_भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि श्री विक्रम ध्रुवे जी ने प्रदेश में करोड़ों की शराब चोरी होने के मामले में भूपेश बघेल सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में मधुशाला में ताला तो नहीं लगा लेकिन 12 करोड़ के शराब घोटाले की लीपापोती जरूर सामने आई है। अज्ञात लोगों पर मामले बनाये गए हैं जबकि यह खेल सुनियोजित योजना का परिणाम है।
वे कौन से अज्ञात लोग हैं जो सरकारी शराब धंधे में करोड़ों की शराब पी गए और बहके भी नहीं! सरकार का शराब मार्केटिंग सिस्टम कौन से नशे में था जो इतनी बड़ी रकम का गोलमाल होता रहा और पता तक नहीं चला कि सरकार के खजाने में सेंध कहां से लग रही है और यह कारनामा करने वाले कौन हैं? लाखों की रकम की लूट भी हो गई।शराब घोटाला मामले में ज्यादातर आरोपी अज्ञात हैं, जिनका पता चलना इस सरकार के रहते संभव नहीं है। भूपेश बघेल इस चोरी पर कुछ कहने की जगह सीनाजोरी कर रहे हैं कि केंद्र से पैसा नहीं मिल रहा जबकि केंद्र सरकार राज्य की आय के आधे से भी अधिक हर साल दे रही है।
श्री ध्रुवे ने कहा कि गंगा जल हाथ में लेकर राज्य में शराबबंदी लागू करने का वादा करने वाली कांग्रेस की सरकार ने साढ़े तीन साल नाटक करते करते गुजार दिए। बाकी का समय भी इसी तरह कमेटी कमेटी खेलकर गुजारा जायेगा। कांग्रेस की नीयत में शुरू से ही खोट रही है। कांग्रेस ने शराब को अवैध कमाई का जरिया बना रखा है। शराब की दुकानें बढ़ गईं लेकिन राजस्व कम हो गया।इसका सीधा अर्थ है कि कांग्रेस के राज में समानांतर व्यवस्था संचालित हो रही है। जितनी खपत रिकार्ड में दर्ज हो रही है उससे कई गुना शराब बिना रिकार्ड के बिकने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
श्री ध्रुवे ने  कहा कि कांग्रेस की सरकार ने कोरोना काल में भी इसी कमाई के लिए शराब दुकान खोलने की हड़बड़ी दिखाई थी। इसके बाद शराब पर कोरोना के नाम पर सेस लगाकर करोड़ों की रकम वसूली। स्वास्थ्य पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया। अब करोड़ों के शराब घोटाले में अज्ञात आरोपियों पर मामलों के जरिये अपनी करतूतों पर पर्दा डाला जा रहा है। शराब का गोरखधंधा कही नियमित प्रक्रिया तो नहीं ?सरकार अब नई शराब दुकाने प्रदेश भर के कई होटलों में खोलने जा रही है

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