संत भक्त कवर राम साहिब जी के 82 वे शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई

संत भक्त कवर राम साहिब जी के 82 वे शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई

संत भक्त कवर राम साहिब जी के 82 वे  शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई

संत भक्त कवर राम साहिब जी के 82 वे  शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई


 बिलासपुर.सिंध की आत्मा संत शिरोमणि भक्त कवर राम  साहेब जी का
82 वा शहीदी दिवस के अवसर पर सिंधी कॉलोनी मैं रात्रि 9:00 बजे कार्यक्रम का आयोजन किया गया

शुरुआत भक्त कंवर राम जी के मूर्ति पर वह फोटो पर माला अर्पण कर दीप प्रज्वलित करके की गई कार्यक्रम में समाज से कई वरिष्ठ जनों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए कवि कन्हैया आहूजा  ने अपनी कविताओं के माध्यम से
संत भक्त कवर राम साहिब जी को श्रद्धांजलि अर्पित की
कल्याण दास लालवानी एवं अमर बजाज ने संत कंवर राम साहिब जी के जीवन के बारे में प्रकाश डाला
उन्होंने बताया कि संत कवर राम साहेब जी का जन्म 13 अप्रैल 1885 में सिंध प्रांत के शक्कर जिले मीरपुर माथे लो तहसील ग्राम जरवार में हुआ
वह कवर राम साहेब जी की  बहुत ही मीठी मीठी वाणी थी अपने मधुर वाणी से बच्चों को लोरी दिया करते थे रात्रि  में भगत किया करते थे उनकी भगत देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते थे और रात्रि भर भगत का 
आनंद लेते थे उनके भगत सुनने के लिए हिंदू तो आते थे साथ ही में  मुस्लिम समाज के लोग भी आते थे वह भक्त कवर राम साहेब जी  कभी भी ऊंच नीच जात पात में भेदभाव नहीं करते थे सभी धर्मों को सम्मान करते थे वह प्यार देते थे

वक्त बिता गया आजादी की लड़ाई भी जोर पकड़ने लगी लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों को यह पसंद नहीं था कि वह आपसी भाईचारा प्रेम व एकता का संदेश जो देते थे उन्हें अच्छा नहीं लगता था इस कारण उन लोगों ने उन्हें मारने के लिए प्लान बनाया और जब भक्त कवर राम साहेब  जी ट्रेन में बैठे तब  असामाजिक तत्व लोग वहां पहुंचे उनसे आशीर्वाद लिया कि जिस कार्य के लिए हम आए हैं हमारे कार्य  सफल हो भक्त कवर राम साहिब जी जानते थे कि यह लोग मुझे मारने के लिए आए हैं उसके बाद भी उन्होंने


 आशीर्वाद दिया जाओ जिस काम के तुम आए हो उसमें तुम सफल हो  संत का काम होता है कि उनके चरणों में कोई भी आए उन्हें खाली नहीं भेजते और भक्त कवर राम साहिब जी ने उनको मारने आए लोगों को भी आशीर्वाद दिया 1 नवंबर 1939 को ट्रेन में ही असामाजिक तत्वों ने उन्हें गोली मार दी  इतिहास में यह दिन काले अक्षरों में लिखा गया व काला दिन के रूप में पहचाना गया जैसे ही यह खबर सिंध मैं लोगों को पता चली हजारों की संख्या में लोग दौड़ पड़े स्टेशन की ओर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था कि जिसकी आंखों से आंसू ना बहे हर जगह विलाप ही विलाप ही था
आज भी सिंध  में हजारों लोग 1 नवंबर को उसी स्टेशन में पहुंचकर दीपक जलाते हैं वह श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं
भारत भर में जगह-जगह आज के दिन अपने संत को सिंधी समाज ने याद किया व श्रद्धा अंजलि अर्पित की
ठीक रात्रि 10:00 बजे 82 दीप जलाए गए 2 मिनट का मौन व्रत रख कर संत कवर राम साहिब जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई

इस पूरे कार्यक्रम में पूज्य सिंधी पंचायत भक्त कवर  राम नगर के अध्यक्ष हरीश भगवानी पूज्य सिंधी पंचायत सरकंडा के अध्यक्ष महेश पमनानी संत कंवर राम सेवा समिति के अध्यक्ष रमेश महेश चंदानी एसएसडी धाम बिलासपुर के अध्यक्ष कल्याण दास लालवानी विजय गोविंद दुसेजा जगदीश जज्ञासी राजेशभाई  अमर रूपानी 
प्रताप आयेलानी  हुंद राज जेसवानी अजित थारवानी मनीष लोहरानी अमृतलाल चावलानी
गुरमुख मोटवानी हुंदराज मोटवानी रूपचंद हिरवानी
बृजलाल भोजवानी  अमर  रूपानी मोहन थ दवानी
बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे

श्री विजय दुसेजा जी की खबर

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