पत्नीयो ने पति की लंबी उम्र के लिए रखा करवा चौथ का व्रत
हिंदू धर्म में वैसे तो कई तीज त्यौहार आते हैं पर करवा चौथ का अपना ही एक अलग महत्व है
इस त्यौहार को हिंदी भाषा प्रदेशों में बड़े ही हर्षो उल्लास के साथ मनाया जाता है
देशभर में करवा चौथ का व्रत पत्नियों के द्वारा पतियों की लंबी उम्र के लिए रखा गया
पत्नियां शोहला सिंगार करके शाम को पूजा अर्चना की कथा सुनी
बिलासपुर में भी सिंधी समाज की महिलाओं ने करवा चौथ का उपवास रखा वह रात्रि को करवा चौथ की कथा सुनी और चंद्रमा को अर्घ्य देकर पतियों के पांव छूकर उनके हाथों से जल पीकर प्रसाद खाकर व्रत को पूरा किया
इस अवसर पर जूना बिलासपुर सिंधी कॉलोनी हेमू नगर शनचरी पड़ाव कश्यप कॉलोनी रामा वेली सरकंडा हेमू नगर ओम नगर में सिंधी समाज की महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रखा ओम नगर सिंधी कॉलोनी मनोहर टाकीज के पीछे जूना बिलासपुर में करवा चौथ की कथा की गई
कथा मुस्कान सिदारा व मोनिका सुदारा के द्वारा की गई
करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष में आता है
कथा में बताया गया सुधा नाम का राजा भद्रावती शहर में राज करता था उसके चार पुत्र और एक कन्या थी जिसका नाम वीरमति था जिसका विवाह देवव्रत नाम के एक राजकुमार से हुआ कुछ समय पश्चात एक बार देवव्रत को एक सांप ने डस लिया और वह मर गया भद्रावती विलाप करने लगी रोने लगी अचानक वहां से गुजर रहे पुलसित ऋषि का आगमन हुआ राजा ने उन्हें नमस्कार किया ऋषि से पूछा कि मेरी बेटी ने ऐसा कौन सा अपराध किया जिसकी वजह से आज वह इतनी छोटी उम्र में विधवा हो गई तब ऋषि ने उन्हें कहा कि तुम्हारी पुत्री ने कार्तिक माह की गणेश चौथ की व्रत पूजा अर्चना नहीं की है इसलिए यह आपदा आई है अब भी अगर वह यह व्रत करेगी तो उसका पति वापस जीवित हो जाएगा वीरमति ने अपने पति को पूरा एक साल संभाल कर रखा और वापस उसी दिन कार्तिक माह में करवा चौथ का व्रत किया जिससे वह वापस जीवित हो उठा
व्रत रखने का नियम है कि सुबह उठकर श्री गणेश जी के परिणाम कर सारा दिन कुछ ना खाएं रात्रि को चंद्रमा का दर्शन कर उन्हें अर्थ देकर बड़ों का आशीर्वाद लें और पहले उन्हें खाना खिलाए फिर आप भोजन करें जिससे पति पर आने वाले सारे संकट दूर हो जाते हैं
इस कहानी का सार है कि पत्नी चाहे तो अपने सती तपोबल से यमराज से भी अपने पति के प्राण वापस ला सकती है और कई पत्नियों ने ऐसा किया भी है
और रिद्धि सिद्धि के दाता भगवान गणेश जी कृपा सभी पर बनी रहे और जो भी शुभ कार्य होते है पहले उनकी ही पूजा होती है
आज के इस कथा में राखी जाधवानी मनीषा केसवानी मोनिका से सिदारा मुस्कान सितारा मायरा जायनी विरमानी डिंपी बचानी गुंजन दुसेजा
जूही मोटवानी भारतीय तेजा दशमी बजाज अर्चना चौथवानी
पमनानी हेमा दयालानी
वह बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी
श्री विजय दुसेजा जी की खबर