2 दिन मनाई जा रही है शरद पूर्णिमा
वैसे तो हर तीज त्यौहार 1 दिन का होता है लेकिन अभी हाल ही में कुछ वर्षों में देखा जा रहा है की हर तीज त्यौहार 2 दिन मनाया जा रहा है ऐसा हो रहा है कि अलग-अलग जो पंडित है अपना कैलेंडर वगैरा निकालते हैं वह अलग-अलग तिथि घोषित कर रहे हैं जिससे लोग भी परेशान हो जाते हैं वह मजबूरी में एक त्यौहार को 2 दिन मानना पड़ता है इसी तरह कार्तिक माह में आने वाली शरद पूर्णिमा भी 2 दिन मनाई जा रही है
कुछ लोगों ने कल मनाई और कुछ लोग आज मनाएंगे
कुछ लोगो का कहना है कि
शरद पूर्णिमा को क्यों खाते हैं खीर
शरद पूर्णिमा के दिन खीर खाने या दूध पीने के प्रचलन हैं। आखिर इस दिन खीर क्यों खाते हैं क्या है इसका कारण और रहस्य जानिए
.अमृत की किरणें : कहते हैं कि इस दिन आसमान से अमृतमयी किरणों का आगमन होता है। इन किरणों में कई तरह के रोग नष्ट करने की क्षमता होती है। ऐसे में जहां इन किरणों से बाहरी शरीर को लाभ मिलता है वहीं शरीर के भीतर के अंगों को भी लाभ मिले इसके लिए खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखकर बाद में उसे खाया जाता है। यही कारण है कि शरद पूर्णिमा की रात को लोग अपने घरों की छतों पर खीर रखते हैं।
अमृत समान बन जाता है दूध यह भी कहा जाता है कि इस दौरान चंद्र से जुड़ी हर वस्तु जाग्रत हो जाती है। दूध भी चंद्र से जुड़ा होने ने कारण अमृत समान बन जाता है जिसकी खीर बनाकर उसे चंद्रप्रकाश में रखा जाता है।
.पौष्टिक पदार्थ का सेवन : खीर में दूध, चावल, सूखे मेवे आदि पौष्टिक चीजें डाली डाती हैं, जो कि शरीर के लिए फायदेमंद होती हैं। इन चीजों की वजह से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। अच्छा स्वास्थ्य मिलता है। यहीं खीर जब पूर्णिमा को बनाकर खाई जाए तो उसका गुण दोगुना हो जाता है।
.खीर की प्रसाद का वितरण : यह भी मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन दूध या खीर का प्रसाद वितरण करने से जहां चंद्रदोष दूर हो जाता है वहीं लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इसीलिए कुछ स्थानों पर सार्वजनिक रूप से खीर प्रसादी का वितरण किया जाता है।
.शीत ऋतु का आगमन : शरद पूर्णिमा से मौसम में परिवर्तन की शुरूआत होती है। इस तिथि के बाद से वातावरण में ठंडक बढ़ने लगती है। शीत ऋतु का आगमन होता है। शरद पूर्णिमा की रात में खीर का सेवन करना इस बात का प्रतीक है कि शीत ऋतु में हमें गर्म पदार्थों का सेवन करना चाहिए, क्योंकि इन्हीं चीजों से ठंड में शक्ति मिलती है
श्री विजय दुसेजा जी की खबर