मिलजुलकर खुशियां मनाने की भारतीय परंपरा का निर्वाह करती है सेवा एक नई पहल - रेखा आहूजा
सामाजिक सरोकार के लिए समर्पित संस्था सेवा एक नई पहल प्रत्येक तीज त्यौहार को लोकोत्सव के रूप में आदिवासी बहुल गांवो में जाकर ग्रामीणों के साथ मनाती है इसी तारतम्य में दीपोत्सव की खुशियां साझा करने एक नई पहल की टीम इस बार कोटा रतनपुर मार्ग पर स्थित गोंड आदिवासी बहुल ग्राम *उमरमरा* के शासकीय शाला जा पहुंची जहां स्वागत गान पश्चात् आमंत्रित ग्राम वासियों व छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए संस्था की संयोजिका रेखा आहुजा जी ने कहां कि दीपावली व होली दोनो ऐसे त्यौहार है जिसे प्रायः प्रायः हर जाति समाज वर्ग के लोग मिलजुल कर मनाते हैं और इसी परम्परा का निर्वहन करते हुए हम आपके साथ खुशियां साझा करने आए है
इस अवसर पर संस्था की ओर से स्कूल के विद्यार्थियों को 6 नग दरी , 24 नग थाली, 24 नग गिलास , खिलौना , फटाखे, मिठाई , स्कूल ड्रेस , ग्रामीण जनों के लिऐ कपड़े , शाल , स्वेटर जूते मोजे, बड़ी बालिकाओं के लिऐ सलवार सूट, कपड़े आदि का वितरण किया गया
गांव में 90%अंक से उत्तीर्ण हुए 4 प्रतिभाशाली बच्चों को मेडल से सम्मानित किया गया। ग्रामीण जनों द्वारा दीपावली केअवसर पर संस्था की ओर से प्राप्त सामग्री की तहे दिल से प्रशंसा की गई
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती अंजूलता भास्कर द्वारा किया गया एवम् शाला प्रभारी श्री घनश्याम सिंह सिसोदिया द्वारा इस विशेष सहयोग के लिए संस्था के संस्थापक सतराम जेठमलानी , मुकेश पंजवानी , निशि पंजवानी , सुनील तोलानी , सरोज अग्रवाल, मनोज सरवानी , नीतू लधानी , मुकेश पमनानी , महेंद्र माखीजा , कीर्ति चड्डा तथा राम्या फाउन्डेशन का आभार व्यक्त किया
इस अवसर पर शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सगन सिंग राज , रूखमणी देवी , सुरेश मार्को , जीवन लाल तथा शाला प्रबंधन समिति के सदस्य गण , पालक व ग्रामवासी उपस्थित रहे।
आभार
श्रीमती अंजूलता भास्कर शासकीय प्राथमिक शाला उमरमरा, संकुल- जोगीपुर, विकास खण्ड- कोटा,जिला- बिलासपुर (छत्तीसगढ़ )
श्री विजय दुसेजा जी की खबर