करवाचौथ का व्रत रख मांगी पति के दीर्धायू जीवन की कामना
पति की आयु,स्वास्थ्य व सौभाग्य की कामना करते हुए रविवार को सुहागिनों ने करवाचौथ का व्रत रखा।करवाचौथ को विवाहित महिलाएँ दिन भर अन्न जल का त्याग कर आस्था के सहारे यह कठिन व्रत रखती हैं,सूर्योदय से पहले उठकर भगवान शिव, पार्वती, गणेश,कार्तिकेय की पूजा की,सूर्योदय से चन्द्रोदय तक चलने वाले इस व्रत के दौरान नियमों का पालन करते हुए शाम के समय सभी व्रती महिलाएँ पूजा की थाली के साथ बजरंगवार्ड स्थित श्री गुरूनानक सिंधी धर्मशाला में एकत्रित हुई जहाँ श्रीमति नीलम छाबड़िया के संचालन व मार्गदर्शन में करवाचौथ की कथा सुनी ततपश्चात छलनी से चाँद को देखने के बाद पति के चेहरे को देखकर चाँद को अर्ध्य दिया।पतियों ने अपनी व्रती पत्नियों को पानी पिलाकर,अन्न का पहला ग्रास खिलाकर उनका व्रत तोड़ा।
इस अवसर पर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें सोलह श्रृंगारों से सज्जित दुल्हन वर्ग में प्रथम श्रीमति रोशनी किंगरानी, द्वितीय श्रीमति आरती गेहाणी व तृतीय श्रीमति सुम्मी बत्रा व थाली सजाओ में श्रीमति जया सहेता को आयोजिका श्रीमति नीलम छाबड़िया द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।