*जनता की बाल्टी खाली रही,तो अधिकारियों की कुर्सी सुरक्षित नहीं रहेगी – डॉ. प्रतीक उमरे*

*जनता की बाल्टी खाली रही,तो अधिकारियों की कुर्सी सुरक्षित नहीं रहेगी – डॉ. प्रतीक उमरे*

*जनता की बाल्टी खाली रही,तो अधिकारियों की कुर्सी सुरक्षित नहीं रहेगी – डॉ. प्रतीक उमरे*
*जनता की बाल्टी खाली रही,तो अधिकारियों की कुर्सी सुरक्षित नहीं रहेगी – डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि दुर्ग नगर निगम के प्रशासनिक तंत्र और अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। उन्होंने सीधे तौर पर निगम के आला अधिकारियों और तकनीकी अमले को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी है कि वे एसी कमरों से बाहर निकलें अन्यथा कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार रहे।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर 'अमृत मिशन योजना' के जरिए दुर्ग की जनता के घर-घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने का संकल्प लिया था।जनप्रतिनिधियों ने बजट और नीतियां बनाकर अधिकारियों के हाथ में सौंपी लेकिन निगम के लापरवाह और बेलगाम अधिकारियों की दोषपूर्ण इंजीनियरिंग ने इस महत्वाकांक्षी योजना को 'सफेद हाथी' बना दिया है।उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सिकोला बस्ती वार्ड 55 और वार्ड 17-18 जैसे कई क्षेत्रों में पुरानी पाइपलाइनों के ऊपर बिना किसी वैज्ञानिक आकलन के नई पाइपलाइनें बिछा दी गईं। प्रेशर न बनने के कारण पानी अंतिम छोर तक पहुंच ही नहीं रहा है।गलियों में पाइपलाइन का जाल तो बिछ गया है,लेकिन जनता के नल आज भी सूखे हैं।डॉ. प्रतीक उमरे ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एक तरफ जहाँ शहर की जनता मटमैला और लो-प्रेशर पानी पीने को मजबूर है,वहीं दूसरी तरफ निगम के फिल्टर प्लांट और 11 एमएलडी वॉटर सप्लाई यूनिट से रोजाना लाखों लीटर शुद्ध, फिल्टर किया हुआ पानी सिर्फ इसलिए नालियों में बहकर बर्बाद हो जाता है क्योंकि अधिकारी मेंटेनेंस और बिजली गुल होने पर बैकअप जनरेटर तक की सुचारू व्यवस्था नहीं कर पाए हैं।यह पानी की बर्बादी नहीं बल्कि दुर्ग की जनता के मौलिक अधिकारों पर प्रशासनिक डकैती है।जनप्रतिनिधियों की इच्छाशक्ति के बावजूद अधिकारियों की अकर्मण्यता के कारण धरातल पर काम की गति कछुआ चाल से भी धीमी है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि जिन वार्डों में पाइपलाइन बिछने के बाद भी पानी नहीं आ रहा है,वहां निगम के तकनीकी अधिकारी खुद फील्ड पर उतरकर प्रेशर की समस्या को ठीक करें।त्योहारों के इस सीजन में दूषित और मटमैले पानी की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।यदि किसी भी वार्ड में पीलिया या अन्य जलजनित बीमारी फैली तो उसके लिए सीधे तौर पर संबंधित वार्ड के सब-इंजीनियर और स्वास्थ्य अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

Ads Atas Artikel

Ads Atas Artikel 1

Ads Center 2

Ads Center 3