सुशासन एक्सप्रेस के तहत तुलसी नेवरा में इंतजार करते रहे जनप्रतिनिधि व ग्रामीण नहीं पहुंचा दल, कलेक्टर के आदेश की उड़ी धज्जियाँ।
तिल्दा नेवरा।
दिलीप वर्मा
9424211900
सुशासन एक्सप्रेस के तहत तुलसी नेवरा में इंतजार करते रहे जनप्रतिनिधि व ग्रामीण नहीं पहुंचा दल, कलेक्टर के आदेश की उड़ी धज्जियाँ।
एक तरफ राज्य सरकार द्वारा सुशासन का नारा देकर भले ही खूब झूठी वाहवाही लूटी जा रही हो लेकिन दूसरी तरफ धरातल पर इसका क्या असर है यह आज साफ-साफ देखने को मिला
तिल्दा नेवरा के समीपस्थ ग्राम पंचायत तुलसी नेवरा में रायपुर कलेक्टर के आदेशानुसार गुरुवार को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सुशासन एक्सप्रेस के तहत शिविर लगाए जाने की लिखित में सूचना दी गई गांव में प्रचार प्रसार कर दिया गया,ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को अवगत कराया कि सुशासन एक्सप्रेस के तहत शिविर लगाया जा रहा है, जिसमें ग्रामीण हितग्राहियों के मूलभूत कार्य निपटाए जाएंगे, लेकिन दोपहर 1 बजे तक कोई भी अधिकारी कर्मचारी शिविर स्थल पर उपस्थित नहीं हुए।
दोपहर एक बजे पत्रकार दिलीप वर्मा ग्राम तुलसी नेवरा के पंचायत भवन पहुंचे जहां ग्रामीण और ग्रामीण जनप्रतिनिधि अधिकारी कर्मचारियों का इंतजार करते खड़े हुए थे, साथ ही बताया गया कि कई ग्रामीण वापस चले गए, जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने आदेश की कॉपी दिखाते हुए बताया कि आज शिविर का आयोजन किया गया था, जिसके लिए प्रचार प्रसार गांव स्तर पर किया गया है, लेकिन किसी भी अधिकारी कर्मचारी के नहीं पहुंचने से ग्रामीण काफी मायूस है,इस संबंध में शिविर के प्रभारी अमित देवांगन को हमने उनके मोबाइल नंबर पर फोन लगाया तो उल्टा वे हम से ही सवाल करने लगे की आज शिविर आयोजित है क्या, जब उनसे कहा गया कि शिविर के प्रभारी आप हैं और आपको ही पता नहीं तो उन्होंने हड़बड़ा कर फोन काट दिया, वहीं ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने बताया कि शिविर के एक अन्य कर्मचारी आरती दुबे को भी बनाया गया था जो थोड़ी देर के लिए पंचायत भवन पहुंचे और किसी कागज पर कुछ लिखकर वापस जाने लगे जहां
ग्रामीणों ने शिविर के बारे में उनसे पूछे तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया कि इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है कहकर कर वे चली गई, इस संबंध में हमने जनपद पंचायत सीईओ से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।एसडीएम को फोन लगाया गया जहां उन्होंने फोन नहीं उठाया।
रायपुर कलेक्टर के आदेश की किस तरह धज्जियां उड़ाई गई साफ देखा गया।
अब इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार के फरमान का उनके अधिकारी कर्मचारी कितना पालन कर रहे हैं शिविर का प्रचार प्रसार कर दिया गया तारीख तय कर दी गई, शिविर के प्रभारी भी नियुक्त कर दिए गए और प्रभारी ही शिविर से नवरात रहे।
यह इस बात का साक्षात प्रमाण है कि हवा हवाई घोषणाओं और कार्यों से कुछ नहीं होगा, धरातल पर आकर कार्य करना होगा, तभी कुछ बात बनेगी, और इस तरह के कृत्य से सरकार के प्रति आम जनता का ,आम ग्रामीणों का गुस्सा स्वाभाविक है।
आज गुरुवार इस कृत्य से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया।