तिल्दा नेवरा
दिलीप वर्मा
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साइबर अपराध से बचाव एवं सुरक्षा पर " पैरालीगल वालिंटियर्स प्रशिक्षण कार्यशाला " का आयोजन
साइबर अपराध से बचाव एवं सुरक्षा पर पैरालीगल वालिंटियर्स प्रशिक्षण कार्यशाला - जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर एवं क्राइम/साइबर पुलिस कमिश्नरेट, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर ( छत्तीसगढ़) वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र एडीआर भवन जिला न्यायालय परिसर रायपुर में किया गया।
प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए,श्री अविनाश कुमार दुबे वरिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर , द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में साइबर क्राइम सबसे बड़ी चुनौती के रूप में उभर कर सामने आया है। बैंकिंग संस्थाएं जो सबसे सुरक्षित स्थानों में जाना जाता था, आज वही सबसे अधिक असुरक्षित महसूस हो रहा है।
प्रशिक्षण कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में गौरव मंडल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त क्राइम एंड साइबर कमिश्नरेट रायपुर ने कहा कि सबसे पहले अपने आप को बचाना होगा, आप बचेंगे तभी दूसरों को बचाने का सोच सकते हैं। साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस और न्यायिक संस्थाओं के साथ ही साथ आमजनों की भागीदारी से ही निपटा जा सकता है।
आपने कहा कि, वर्तमान में सबसे बड़ा और अधिक होने वाला साइबर अपराध है - आनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी है, जिसमें डिजिटल अरेस्ट स्कैम, निवेश धोखाधड़ी, इन्वेस्टमेंट स्कैम, फर्जी KYCअपडेट , और पार्ट टाइम जॉब और लाटरी के नाम पर ठगी के मामले सामने आए हैं। आनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में लालच,डर, जल्दबाजी, विश्वास, जानकारी की कमी, तकनीकी जानकारी की कमी, भावनात्मक जुड़ाव,अति -अत्मविश्वास, सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करना, वेरीफिकेशन न करना, ऐसे कारण हैं जो व्यक्ति को ठगी का शिकार बनाते हैं।
तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में, साइबर सेल रायपुर, से नितेश राजपूत, गणेश कुमार मरावी उपस्थित थे, प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित पैरालीगल वालिंटियर्स को तकनीकी जानकारी के साथ ही साथ बचाव के लिए संचार साथी एप, साइबर सेल हेल्पलाइन नंबर 1930, तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए Cyber Crime.gov.in, GRM,MRM की मदद ली जा सकती है।
इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा,रायपुर तथा गरियाबंद जिले के समस्त थानों में नियुक्त पैरालीगल वालिंटियर्स को साइबर अपराध से बचाव एवं सुरक्षा के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।