श्रीमती मंजुलता श्रवण प्रधान पाठक को मिला *आचार्य शिरोमणि सम्मान 2026*
बालोद जिला के आदिवासी वनांचल गाँव जो तांदुला बांध से लगा हुआ शासकीय प्राथमिक शाला धोबनी ब
संस्था के प्रधान पाठक श्रीमती मंजुलता श्रवण को छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस वृंदावन हॉल में पूर्व सचिव छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग रायपुर एवं जिला शिक्षा अधिकारी एम जी सतीश व प्रबुद्ध अतिथियों की कर कमलों द्वारा आचार्य शिरोमणि सम्मान प्रदान किया गया।
प्रधान पाठक श्रीमती मंजुलता श्रवण ने अपने शिक्षकीय कार्यकाल में शिक्षा के साथ-साथ समाज के क्षेत्र में उचित कार्य कर त्याग समर्पण भाव से आनेवाले नई पीढ़ी को संवारने व संयोजने का जो अथक प्रयास किया है व प्रेरणास्रोत बनकर मार्ग प्रशस्त करने का जो कार्य किया है सचमुच बच्चों व पालकों के लिए सराहनीय अद्भुत व बेजोड़ है ।
उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की आभा को बिखरने का प्रयास किया जिसके कारण भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में दो बच्चों ने तहसील स्तर पर प्रथम व द्वितीय स्थान ग्रहण कर स्कूल का नाम रोशन करने में सफलीभूत रहे हैं।
पंजीकृत शकुंतला फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित समारोह में उपस्थित अतिथिगण पूर्व सचिव छत्तीसगढ़ शिक्षा आयोग एन.के. अग्रवाल, रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी श्री एम. जी. सतीश कुमार एवं विद्वत, प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में बालोद जिला के वनांचल स्थित मुख्यमंत्री गौरव अलंकृत शिक्षा दूत शिक्षिका श्रीमती मंजुलता श्रवण को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
शंकुतला फाउंडेशन छत्तीसगढ़ की अध्यक्ष एवं संस्थापिका स्मिता सिंह ने बताया कि शिक्षा, साहित्य, जनसेवा और समाज निर्माण में सकारात्मक योगदान देने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सम्मान समारोह आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम में राज्य के ऐसे महानुभूति सतीश थौरानी, अमर गुरनानी, शुभा निशा शुक्ला, कविता कुंभज्ज, संजना सिंह सहित शिक्षाविद एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ के 150 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने शिक्षकीय कार्य में बहुत ही शानदार उपलब्धि हासिल किये हैं।
उन्होंने ने स्कूल को नई उम्मीद व सोंच के साथ ऊर्जित होकर नई उड़ान के साथ मुकाम पर पहुंँचाने का सफल प्रयास करती रहती है.. उनके इस उपलब्धि पर उपलब्धि पर संकुल समन्वक उत्कल कुमार साहू, माधो राम सर्पा, नकुल एलेन्द्र, बी के विश्वकर्मा इसके इस उपलब्धि पर उन्हें बधाइयांँ संप्रेषित करते हुए हमेशा नवाचार के क्षेत्र में आगे आने की नसीहत दिये ।