*परीक्षा के बहाने सेन समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं! डॉ. प्रतीक उमरे की व्यापमं को खुली चुनौती- 'कार्रवाई करो या परिणाम भुगतो'*

*परीक्षा के बहाने सेन समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं! डॉ. प्रतीक उमरे की व्यापमं को खुली चुनौती- 'कार्रवाई करो या परिणाम भुगतो'*

*परीक्षा के बहाने सेन समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं! डॉ. प्रतीक उमरे की व्यापमं को खुली चुनौती- 'कार्रवाई करो या परिणाम भुगतो'*
*परीक्षा के बहाने सेन समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं! डॉ. प्रतीक उमरे की व्यापमं को खुली चुनौती- 'कार्रवाई करो या परिणाम भुगतो'*
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा 20 सितंबर को आयोजित लैब असिस्टेंट (प्रयोगशाला सहायक) भर्ती परीक्षा में छत्तीसगढ़ी लोकोक्ति के बहाने सेन (नाई) समाज के खिलाफ अत्यंत अपमानजनक और जातिगत गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला विकल्प दिए जाने पर सेन समाज सेवा समिति के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. प्रतीक उमरे ने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने इसे व्यापमं के अधिकारियों की कुंठित और जातिवादी मानसिकता का जीता-जागता प्रमाण बताया है।मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि संवैधानिक गरिमा वाले परीक्षा मंडल के पेपर सेटर और विशेषज्ञों की बुद्धि इतनी भ्रष्ट हो चुकी है कि वे एक प्रतिष्ठित समाज को नीचा दिखाने वाले विकल्प तैयार कर रहे हैं।छत्तीसगढ़ी संस्कृति और मुहावरों की आड़ में सेन समाज को लक्षित करना बेहद शर्मनाक और असहनीय है।इसे केवल एक प्रिंटिंग मिस्टेक या सामान्य त्रुटि मानकर टाला नहीं जा सकता।यह लाखों लोगों की सामाजिक भावना और आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार है।डॉ. प्रतीक उमरे ने व्यापमं चेयरमैन और राज्य सरकार से सीधे तौर पर निम्नलिखित मांगें की हैं-

*तत्काल बर्खास्तगी*: जिस भी अधिकारी या विषय विशेषज्ञ ने यह विवादित प्रश्न और गरिमाहीन विकल्प तैयार किए हैं, उसे तुरंत चिन्हित कर सेवा से बर्खास्त किया जाए।
*सार्वजनिक माफी*: छत्तीसगढ़ व्यापमं इस कृत्य के लिए पूरे सेन समाज से लिखित और सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
*कानूनी कार्रवाई:* दोषी अधिकारियों के खिलाफ सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने और जातिगत टिप्पणी करने के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।

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