बेमेतरा:-शिक्षा और विद्या का संगम ही शिक्षक दिवस की सार्थकता — दीपक धीवर

बेमेतरा:-शिक्षा और विद्या का संगम ही शिक्षक दिवस की सार्थकता — दीपक धीवर

बेमेतरा:-शिक्षा और विद्या का संगम ही शिक्षक दिवस की सार्थकता — दीपक धीवर
बेमेतरा:-शिक्षा और विद्या का संगम ही शिक्षक दिवस की सार्थकता — दीपक धीवर
मेघू राणा बेमेतरा/सिवनीकला। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिवनीकला में विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक दिवस का गरिमामय एवं आत्मीय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त करते हुए छात्रसंघ एवं पदाधिकारियों के माध्यम से विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं लेखनी भेंट कर सम्मान एवं अभिनंदन किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री नोहर लाल शांडिल सहित व्याख्याता श्री तुलसी राम पटेल, श्री नरसिंग साहू, तथा शिक्षकगण श्री दीनदयाल निर्मलकर, श्री किशन गायकवाड़, श्री डाहरू बंजारे, श्री जितेंद्र साहू, श्री धनेश्वर साहू, श्री हरीश साहू, श्री अजय साहू, श्री जितेश्वर साहू, एवं शिक्षिकाओं में मैडम प्रभा ठाकुर, श्रीमती रोहिणी कोसरे, श्रीमती सुनीता मार्कण्डेय, श्रीमती टिकेश्वरी साहू, श्रीमती ललिता साहू, श्रीमती मथुरा नरेटी, श्रीमती सविता साहू, श्रीमती रूखमणी पैकरा, साथ ही श्री सर्वेश नेताम, श्रीमती संतोषी साहू एवं श्री दीपक धीवर (छात्रसंघ प्रभारी) का विद्यार्थियों द्वारा सम्मान किया गया।

कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री नोहर लाल शांडिल ने महान शिक्षाविद् एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जीवन, व्यक्तित्व एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व से अवगत कराया तथा श्रीकृष्ण भजन की मनोहारी प्रस्तुति भी दी।

शिक्षक दिवस को आनंदमय एवं स्मरणीय बनाने के लिए विद्यार्थियों ने शिक्षकों के मनोरंजन हेतु विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में विशेष आकर्षण पैदा किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने विचार साझा करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ सुंदर भारतीय परिधान में नजर आए। शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा किया गया यह अभिनव प्रयास विद्यालय के बच्चों के साथ-साथ पालकों के बीच भी चर्चा एवं आकर्षण का विषय रहा।

कार्यक्रम का सफल संचालन भावना, डुगेश, वासु, निर्मलकर, छात्रसंघ के पदाधिकारियों एवं उनके साथियों द्वारा किया गया। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से पूरा आयोजन गुरु-शिष्य सम्मान, संस्कार और उल्लास का सुंदर संगम बन गया।

इस अवसर पर समस्त शिक्षकों की ओर से दीपक सर ने कहा— “शिक्षक दिवस केवल गुरुजनों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि शिक्षा और विद्या के समन्वय को समझने का पर्व है। शिक्षा हमें जीवन जीने की दिशा देती है और विद्या हमारे व्यक्तित्व को संस्कार, विवेक एवं मानवीय मूल्यों से समृद्ध करती है। इन दोनों का संगम ही शिक्षक दिवस की वास्तविक सार्थकता है।”

सम्पूर्ण आयोजन गुरु-शिष्य परंपरा, सम्मान, संस्कार एवं आनंद का सुंदर संगम बनकर विद्यालय परिवार के लिए एक अविस्मरणीय अवसर रहा।

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