*भाजपा में गुटबाजी खोजने से पहले दीपक बैज कांग्रेस के संगठन की हालत देखें - डॉ. प्रतीक उमरे*

*भाजपा में गुटबाजी खोजने से पहले दीपक बैज कांग्रेस के संगठन की हालत देखें - डॉ. प्रतीक उमरे*

*भाजपा में गुटबाजी खोजने से पहले दीपक बैज कांग्रेस के संगठन की हालत देखें - डॉ. प्रतीक उमरे*
*भाजपा में गुटबाजी खोजने से पहले दीपक बैज कांग्रेस के संगठन की हालत देखें - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं को स्थान नहीं मिलने को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा भाजपा में गुटबाजी चरम पर होने का आरोप लगाए जाने पर करारा पलटवार किया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि दीपक बैज को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की चिंता करने से पहले अपनी पार्टी की हालत पर नजर डालनी चाहिए। भाजपा के संगठनात्मक निर्णय को गुटबाजी बताना कांग्रेस की बौखलाहट और राजनीतिक दिवालियापन का स्पष्ट प्रमाण है।उन्होंने कहा कि भाजपा कोई कांग्रेस नहीं है, जहां पद और टिकट के लिए नेताओं के बीच खींचतान, व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और शक्ति प्रदर्शन चलता हो। भाजपा में संगठन सर्वोपरि है और जिम्मेदारियां संगठन की आवश्यकता के अनुसार तय होती हैं।डॉ. प्रतीक उमरे ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची में गुटबाजी ढूंढ रहे हैं, जबकि उन्हें अपनी पार्टी में बचे हुए संगठन को ढूंढने की जरूरत है। जिस पार्टी को जनता बार-बार चुनावों में नकार रही है, उसके प्रदेश अध्यक्ष का भाजपा को संगठन चलाने का ज्ञान देना हास्यास्पद है।उन्होंने कहा कि भाजपा में किसी नेता को कौन-सी जिम्मेदारी मिलेगी, यह भाजपा का आंतरिक विषय है।दीपक बैज को न भाजपा की संगठनात्मक संरचना का ज्ञान है और न ही भाजपा की कार्यपद्धति का। फिर भी राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए वे भाजपा पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि कांग्रेस को भाजपा की कार्यकारिणी में कौन है और कौन नहीं है, इसकी गिनती करने के बजाय यह गिनना चाहिए कि कांग्रेस के साथ कितने कार्यकर्ता और कितने मतदाता खड़े हैं। कांग्रेस की असली समस्या भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी नहीं, बल्कि जनता के बीच लगातार कमजोर होता उसका जनाधार है।उन्होंने दीपक बैज पर सीधा हमला करते हुए कहा कि जिस कांग्रेस को अपने संगठन में एकजुटता बनाए रखने में परेशानी हो रही है, वह भाजपा को गुटबाजी का प्रमाणपत्र बांट रही है। यह ठीक वैसा ही है जैसे खुद के घर की छत टपक रही हो और पड़ोसी की दीवार में दरार खोजी जाए।

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