बेमेतरा:-भटगांव (बेरला) में धूमधाम से मनाया गया 529वां गोस्वामी तुलसीदास जन्मोत्सव
मेघू राणा बेमेतरा भटगांव (बेरला)। परिक्षेत्रीय साहू संघ, मानस शक्ति केंद्र सरदा एवं ग्रामवासियों के संयुक्त सहयोग से गोस्वामी तुलसीदास जी का 529वां जन्मोत्सव भव्य एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में अंचल के अनेक व्याख्याकार, संगीतकार, मानस प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम एवं गोस्वामी तुलसीदास जी की आरती से हुआ। इसके पश्चात श्रीराम मानस मंडली सरदा द्वारा मंगलाचरण की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई।
श्रीकृष्ण मानस मंडली बावनलाख द्वारा सुमधुर मानस एवं भजन प्रस्तुति दी गई, जिससे पूरा वातावरण राममय हो उठा।
राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याकार श्री ठोकेलाल देवांगन जी ने कहा—
“जब तक गंगा-यमुना में पानी रहेगा, तब तक तुलसी की वाणी अमर रहेगी।”
उन्होंने तुलसी साहित्य को भारतीय संस्कार एवं संस्कृति का अक्षय आधार बताया।
अमेरा (बलौदाबाजार) से पधारे श्री महेश उपाध्याय जी एवं बेमेतरा के श्री राजा तंतुवाय जी ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। श्री विभाष मिश्रा जी (बीजाभाट) ने तबले पर एवं श्री राजकुमार ताम्रकार जी ने बैंजो पर संगत की।
श्री कृष्ण कुमार निर्मलकर जी (अमेरा) ने श्रीराम एवं लक्ष्मण जी के आदर्श भ्रातृत्व प्रेम पर प्रकाश डालते हुए उनके त्याग, समर्पण एवं मर्यादा को जीवन का आदर्श बताया।
श्रीमती हेमलता साहू जी (अंबागढ़ चौकी) ने श्रीराम एवं भरत जी के अनुपम प्रेम, त्याग एवं भाईचारे की भावपूर्ण व्याख्या प्रस्तुत की।
श्री रोहित गंधर्व जी (अहिवारा) ने श्रीराम-सीता मिलन प्रसंग में धनुष को अहंकार का प्रतीक बताते हुए कहा—
“जीव का अहंकार टूटेगा, तभी हम भक्ति और भगवान को प्राप्त कर सकते हैं।”
माँ भद्रकाली जिला मानस संघ बेमेतरा के अध्यक्ष श्री देवलाल सिन्हा जी, श्री छगनलाल साहू जी (भिलौरी), श्री उत्तम कुमार साहू जी (सलधा), श्री विष्णु साहू जी, श्री बिहारी यदु जी (पीपरभट्ठा) एवं श्री गजेन्द्र वर्मा जी (लोलेसरा) ने मानस शक्ति केंद्र सरदा के प्रमुख पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर शुभकामनाएं दीं तथा मानस के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
श्री देवलाल सिन्हा जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रीरामचरितमानस केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को संस्कार, समाज को संस्कृति और मानव को मर्यादा प्रदान करने वाला जीवन-दर्शन है। मानस के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना ही तुलसीदास जी के विचारों को आगे बढ़ाने का श्रेष्ठ माध्यम है।
उन्होंने मानस दर्शन जीवन अर्पण छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में 26, 27 एवं 28 सितंबर 2026 को माँ कौशल्या जन्मभूमि चंदखुरी में आयोजित श्रीराम कथा में सभी मानस प्रेमियों एवं श्रद्धालुओं को सहभागी बनने का आत्मीय आमंत्रण दिया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री संतोष साहू जी (आंदू) एवं श्री संतोष कुमार साहू जी (लेंजवारा) ने किया।
इस अवसर पर श्रीमती रंगिता साहू जी (सरपंच), पंचगण, श्री भीखूराम साहू जी (अध्यक्ष, मानस शक्ति केंद्र सरदा), श्री सूरित राम साहू जी (उपसरपंच सरदा), श्री रघुबीर साहू जी (आंदू), श्री पंचराम यादव जी (बावनलाख), श्री मोहन वैष्णव जी (खर्रा), श्री बुधऊ साहू जी (भरचट्टी), श्री रामस्वरूप साहू जी, श्री राधेश्याम साहू जी, कु. छाया साहू जी (लेंजवारा) सहित क्षेत्रवासी एवं ग्राम भटगांव के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गोस्वामी तुलसीदास जी की वाणी भारतीय समाज में भक्ति, संस्कार, मर्यादा और संस्कृति का अमर प्रकाश-पुंज है। भटगांव का यह आयोजन तुलसी साहित्य के प्रति जन-आस्था एवं रामभक्ति की जीवंत अभिव्यक्ति बना।