*कांग्रेस का विजय मार्च राजनीतिक नौटंकी,जबरदस्ती श्रेय लेने की कोशिश – डॉ. प्रतीक उमरे*

*कांग्रेस का विजय मार्च राजनीतिक नौटंकी,जबरदस्ती श्रेय लेने की कोशिश – डॉ. प्रतीक उमरे*

*कांग्रेस का विजय मार्च राजनीतिक नौटंकी,जबरदस्ती श्रेय लेने की कोशिश – डॉ. प्रतीक उमरे*
*कांग्रेस का विजय मार्च राजनीतिक नौटंकी,जबरदस्ती श्रेय लेने की कोशिश – डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस द्वारा निकाले गए तथाकथित "विजय मार्च" को पूरी तरह राजनीतिक नौटंकी और जनता को भ्रमित करने का प्रयास बताया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि कांग्रेस जिस विषय पर विजय का दावा कर रही है,उसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।यदि किसी संवैधानिक या राजनीतिक निर्णय का श्रेय लेना ही है,तो वह तथ्यों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए,न कि सड़कों पर प्रदर्शन कर झूठा प्रचार करने से,कांग्रेस जनता के बीच अपनी लगातार घटती साख को बचाने के लिए हर मुद्दे पर झूठी श्रेय लेने की राजनीति कर रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता यह बताएं कि जब उनकी सरकारें केंद्र और विभिन्न राज्यों में थीं,तब शिक्षा व्यवस्था में सुधार,परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के हितों के लिए उन्होंने कौन से ऐतिहासिक कदम उठाए?आज जिन मुद्दों पर कांग्रेस राजनीति कर रही है,उन्हीं समस्याओं के लिए वह स्वयं लंबे समय तक जिम्मेदार रही है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी,जवाबदेह एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।यदि कहीं कोई कमी सामने आती है तो सरकार उसे स्वीकार कर सुधारात्मक कदम उठाती है। यही सुशासन की पहचान है। इसके विपरीत कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने और राजनीतिक लाभ लेने की मानसिकता से काम कर रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता सब कुछ देख रही है।केवल प्रदर्शन,नारेबाजी और विजय मार्च निकालने से सच्चाई नहीं बदलती।कांग्रेस युवाओं और छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है,कांग्रेस यदि वास्तव में छात्रों और युवाओं के हितों की चिंतित है, तो उसे राजनीतिक नौटंकी छोड़कर रचनात्मक सुझाव देने चाहिए,न कि हर विषय पर झूठा श्रेय लेने की प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए।कांग्रेस का यह तथाकथित विजय मार्च वास्तव में उसकी हताशा और राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने का प्रयास है। जनता अब इस प्रकार की अवसरवादी राजनीति को पूरी तरह समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

Ads Atas Artikel

Ads Atas Artikel 1

Ads Center 2

Ads Center 3