तिल्दा नेवरा
दिलीप वर्मा
9424211900
तिल्दा नेवरा में निकाली गई भगवान जगन्नाथ की यात्रा, भारी भीड़,मंत्री भी हुए उपस्थित।
आज तिल्दा नेवरा में आस्था, उमंग और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। शाम को रथ पर सवार होकर महाप्रभु भगवान जगन्नाथ, अपने बड़े भाई बलदाऊ और बहन सुभद्रा के साथ नगर का भ्रमण की।
इसके पूर्व सुबह से ही नेवरा के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था और पूरा वातावरण 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से गुंजायमान हुआ।
शाम को जगन्नाथ मंदिर से रथ यात्रा निकाली गई जो सिंधी कैंप होते हुए स्टेशन चौक तिल्दा होते नेवरा बस्ती की भ्रमण कराई गई। शाम को पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक के पास मंत्री टंकराम वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला डॉक्टर खुमान वर्मा उपस्थित हुए और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा माता का दर्शन कर आशीर्वाद लिए। मंत्री ने सभी को रथ यात्रा की बधाई दी।
वहीं नगर में रथयात्रा को लेकर एक बेहद खास और अटूट लोक मान्यता भी जुड़ी हुई है। यहाँ रथयात्रा के दिन बारिश का होना बेहद शुभ माना जाता है।
बुजुर्गों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस वर्ष रथयात्रा के दिन वर्षा नहीं होती, उस वर्ष क्षेत्र में अच्छी बारिश नहीं होती और सूखा पड़ने की आशंका बनी रहती है।
इस बार महाप्रभु ने अपने भक्तों को निराश नहीं किया। शाम को बूंदाबांदी के साथ रातभर बारिश से क्षेत्र में इसे एक खुशहाल और समृद्ध वर्ष का संकेत माना जा रहा है।
साथ ही बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे है।
मंदिर में सुबह से उमड़ी भीड़,
नेवरा के जगन्नाथ मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती और छप्पन भोग लगाया गया, दूर दराज से आए श्रद्धालु भगवान के विग्रह रूप के दर्शन कर निहाल हुए।
भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा शाम को पूरी आन-बान-शान के साथ निकाली गई। भारी-भरकम और आकर्षक ढंग से सजे रथ को खींचने के लिए भक्त आतुर दिखे, ऐसा माना जाता है कि रथ की रस्सी को छूने मात्र से ही जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते है।
वहीं शाम को रथ यात्रा देखने हजारों की संख्या में लोग उपस्थित हुए।रस्तेभर गजामुन का प्रसाद लेने लोगों का हुजूम भी लगे रहा।
साथ ही पुलिस की तगड़ी सुरक्षा व यातायात व्यवस्था भी सराहनीय रहा।