माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान” कार्यशाला अब व्यावहारिक क्रियान्वयन चरण में पहुँची
राजहरा, 22 जुलाई 2026: सीजी ग्रुप ऑफ माइंस के लिए आयोजित पाँच दिवसीय “माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान MSMP – इम्प्लीमेंटेशन एवं रिव्यू” प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का शुभारंभ 21 जुलाई 2026 को हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य खदानों में सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना, वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करना है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में श्री कमल भास्कर, कार्यपालक निदेशक खदान तथा श्री आर. बी. गहरवार, मुख्य महाप्रबंधक खदान उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन ही सुरक्षित, दुर्घटनामुक्त एवं सतत खनन संचालन की आधारशिला है।
कार्यशाला के प्रथम दो दिनों में एम/एस दत्ता माइनिंग कंसल्टेंसी के सुरक्षा विशेषज्ञ एवं पूर्व डीडीजी श्री एस. के. दत्ता द्वारा राजहरा मैकेनाइज्ड माइंस, दल्ली मैकेनाइज्ड माइंस, झरनडल्ली, महामाया, हिर्री, कलवार, राउघाट तथा नंदिनी चूना पत्थर खदान के अधिकारियों एवं वरिष्ठ पर्यवेक्षकों को विस्तृत सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान की तैयारी, क्रियान्वयन, समीक्षा तथा सतत सुधार की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। व्यावहारिक उदाहरणों एवं संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों की अनेक जमीनी स्तर की शंकाओं का समाधान किया गया, जिससे वे अपने-अपने खदानों में एमएसएमपी को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयार हुए।
हाल ही में ओडिशा एवं झारखंड समूह की खदानों में हुई विद्युत दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्यशाला के दूसरे दिन “खदानों में विद्युत सुरक्षा” विषय पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में प्रतिभागियों को विद्युत सुरक्षा के छह स्वर्णिम नियम Six Golden Rules of Electrical Safety की विस्तृत जानकारी दी गई तथा विद्युत कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षित कार्य प्रणालियों पर विशेष बल दिया गया। इस सत्र की प्रतिभागियों ने अत्यंत सराहना की।
प्रतिभागियों ने श्री एस. के. दत्ता की व्यावहारिक, अनुभव-आधारित एवं सरल प्रशिक्षण शैली की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से सुरक्षा प्रबंधन की जटिल अवधारणाएँ भी सहज एवं उपयोगी रूप में समझने को मिलीं।
यह कार्यशाला माइन वेस्टिब्यूल ट्रेनिंग सेंटर MVTC, राजहरा द्वारा श्री बिरेन्द्र कुमार, प्रभारी, एमवीटीसी के नेतृत्व में तथा सेल सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन SSO, रांची के सहयोग से श्री आर. बी. गहरवार, मुख्य महाप्रबंधक खदान तथा श्री कमल भास्कर, कार्यपालक निदेशक खदान के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है।
23 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक कार्यशाला का अगला चरण प्रारंभ होगा, जिसमें दल्ली मैकेनाइज्ड माइंस, राजहरा मैकेनाइज्ड माइंस एवं नंदिनी चूना पत्थर खदान में स्थल-आधारित हैंडहोल्डिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में प्रत्येक खदान के वर्तमान माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान की समीक्षा, कमियों की पहचान तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यावहारिक सुझाव प्रदान किए जाएंगे।
यह पहल सुरक्षित, उत्तरदायी एवं सतत खनन के प्रति सेल की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा खदानों में सुरक्षा संस्कृति को नई मजबूती प्रदान करेगी।