*विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान हेतु प्रधानपाठकों का प्रशिक्षण संपन्न*

*विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान हेतु प्रधानपाठकों का प्रशिक्षण संपन्न*

*विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान हेतु प्रधानपाठकों का प्रशिक्षण संपन्न*
प्रेस विज्ञप्ति
 *विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान हेतु प्रधानपाठकों का प्रशिक्षण संपन्न*
जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार कार्यालय विकासखंड स्रोत केंद्र तिल्दा-नेवरा द्वारा शासकीय पीएम श्री भरत देवांगन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरोरा में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सर्वेक्षण संबंधी प्रधानपाठकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रशिक्षक लखेश्वर कुमार वर्मा एवं रामकरण वर्मा ने बताया कि समावेशी शिक्षा के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, नामांकन तथा उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से विकासखंड स्तर पर सर्वेक्षण कराया जाना है। संकुल स्रोत केंद्र तिल्दा के अधिकारी सुविधा सिंह ने सर्वेक्षण की प्रक्रिया एवं उद्देश्यों को विस्तारपूर्वक समझाते हुए दिव्यांगता के
 विभिन्न प्रकारों जैसे दृष्टि बाधिता, कम दृष्टि, कुष्ठ रोग से मुक्त व्यक्ति, श्रवण बाधिता, चलन बाधिता, बौनापन, बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक रोग, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, पार्किंसंस रोग, विशिष्ट अधिगम अक्षमता, मल्टीपल स्कलेरोसिस, वाक एवं भाषा दिव्यांगता, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, सिकल सेल रोग, बहु-दिव्यांगता तथा तेजाब हमले से पीड़ित व्यक्तियों सहित अन्य श्रेणियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण में ईल्दा प्राचार्य सी.के. वर्मा, घिवरा प्राचार्य ईश्वरी पांडे, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छड़िया के प्रधानपाठक धीरेंद्र कुमार वर्मा सहित खरोरा, पचरी, बेलदार सिवनी, ईल्दा, घिवरा, कनकी, मोहरेंगा एवं भड़हा संकुल के प्रधानपाठक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा समावेशी शिक्षा को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

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