*जिला अस्पताल में ब्लड डोनेट न करें,जरूरतमंदों को करें रक्तदान – भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे*

*जिला अस्पताल में ब्लड डोनेट न करें,जरूरतमंदों को करें रक्तदान – भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे*

*जिला अस्पताल में ब्लड डोनेट न करें,जरूरतमंदों को करें रक्तदान – भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे*
*जिला अस्पताल में ब्लड डोनेट न करें,जरूरतमंदों को करें रक्तदान – भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने जिला अस्पताल दुर्ग में सिकलिन पीड़ित युवती की दर्दनाक मृत्यु पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए जिले के युवाओं एवं रक्तदाताओं से अपील की है कि जब तक जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, तब तक वे जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान करने के बजाय सीधे जरूरतमंद मरीजों को रक्तदान करने को प्राथमिकता दें।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि रक्तदान महादान है और इससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है,लेकिन जिला अस्पताल दुर्ग की कार्यप्रणाली,स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सामने आ रही शिकायतों तथा उपचार व्यवस्था को लेकर जनता के बीच गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।सिकलिन पीड़ित युवती की दुखद मृत्यु सहित कई घटनाओं ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।उन्होंने कहा कि जिले में अनेक युवा,सामाजिक संगठन और स्वयंसेवी संस्थाएं निस्वार्थ भाव से रक्तदान कर मानव सेवा का कार्य कर रही हैं।ऐसे सभी रक्तदाताओं का उद्देश्य किसी जरूरतमंद मरीज की जान बचाना होता है।इसलिए रक्तदान का लाभ सीधे जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचे,यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया,विभिन्न रक्तदाता समूहों तथा सामाजिक संगठनों के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों तक सीधे पहुंचकर रक्तदान करना अधिक प्रभावी विकल्प बन गया है।इससे रक्तदाता स्वयं यह सुनिश्चित कर सकता है कि उसका रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के उपचार में उपयोग हो रहा है।उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं, शिकायतों एवं जवाबदेही के अभाव के कारण आम जनता का विश्वास प्रभावित हुआ है। स्वास्थ्य विभाग को सबसे पहले अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि लोगों का भरोसा पुनः स्थापित हो सके।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी रक्तदान अभियान को हतोत्साहित करना नहीं है,बल्कि रक्तदान को अधिक प्रभावी एवं जरूरतमंद-केंद्रित बनाना है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे रक्तदान के लिए सदैव तत्पर रहें और किसी भी मरीज को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जिला अस्पताल दुर्ग की व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा कर जनता का विश्वास बहाल करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने की मांग भी की है।

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