*भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे की पहल रंग लाई,वरिष्ठ नागरिक रेल रियायत मुद्दे पर केंद्र सरकार सक्रिय*

*भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे की पहल रंग लाई,वरिष्ठ नागरिक रेल रियायत मुद्दे पर केंद्र सरकार सक्रिय*

*भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे की पहल रंग लाई,वरिष्ठ नागरिक रेल रियायत मुद्दे पर केंद्र सरकार सक्रिय*
*भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे की पहल रंग लाई,वरिष्ठ नागरिक रेल रियायत मुद्दे पर केंद्र सरकार सक्रिय*
देशभर के करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों को भारतीय रेल में यात्रा किराये पर दी जाने वाली रियायतों को पुनः बहाल किए जाने की मांग को लेकर दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए जनहित आवेदन पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है।प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा उक्त प्रकरण को संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रेषित किए जाने के बाद वरिष्ठ नागरिकों की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर सकारात्मक उम्मीदें बढ़ गई हैं।गौरतलब है कि भारतीय रेल द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा किराये में दी जाने वाली रियायतें मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई थीं।महामारी समाप्त होने तथा देश में सभी गतिविधियां सामान्य होने के बावजूद यह सुविधा अब तक पुनः प्रारंभ नहीं की गई है।इस विषय को गंभीर जनहित का मुद्दा बताते हुए डॉ. प्रतीक उमरे ने प्रधानमंत्री को विस्तृत पत्र लिखकर वरिष्ठ नागरिकों को पूर्ववत रियायत बहाल करने की मांग की थी।डॉ. प्रतीक उमरे ने उल्लेख किया था कि देश के वरिष्ठ नागरिकों ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण,समाज सेवा और देश के विकास के लिए समर्पित किया है।आज जब वे जीवन के उत्तरार्ध में हैं,तब उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं,सीमित आय और बढ़ती महंगाई जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में रेल यात्रा किराये में मिलने वाली रियायत उनके लिए महत्वपूर्ण सहारा थी,जिससे वे उपचार,धार्मिक यात्राओं,पारिवारिक दायित्वों तथा सामाजिक कार्यक्रमों में आसानी से भाग ले पाते थे।प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा प्रकरण को संबंधित रेलवे विभाग को भेजी गई है। वर्तमान में मामला विचाराधीन है और संबंधित अधिकारियों द्वारा इसकी समीक्षा की जा रही है।इस घटनाक्रम को वरिष्ठ नागरिकों के हितों से जुड़े एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति की मांग नहीं बल्कि देशभर के करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों की भावना और आवश्यकता से जुड़ा विषय है।वरिष्ठ नागरिक समाज का सम्मानित वर्ग हैं और उन्हें यात्रा जैसी बुनियादी सुविधाओं में राहत प्रदान करना सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी भी है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर सकारात्मक निर्णय लेगी।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा विषय को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को भेजा जाना इस बात का संकेत है कि सरकार जनहित के मुद्दों पर सजग और संवेदनशील है।उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में मिलने वाली रियायतों की पुनः बहाली के संबंध में सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि सुविधा पुनः प्रारंभ होती है तो इससे देश के करोड़ों बुजुर्ग नागरिकों को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिलेगी तथा उन्हें सम्मानपूर्वक और सुविधाजनक यात्रा का अवसर प्राप्त होगा।यह निर्णय वरिष्ठ नागरिकों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक भी होगा।

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