ग्राम पंचायत मुजगहन के 60 परिवारों के आवास संकट को दूर करने सरपंच एवं जनपद सदस्य ने उठाई मांग, घास भूमि को 'आबादी' घोषित करने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

ग्राम पंचायत मुजगहन के 60 परिवारों के आवास संकट को दूर करने सरपंच एवं जनपद सदस्य ने उठाई मांग, घास भूमि को 'आबादी' घोषित करने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

ग्राम पंचायत मुजगहन के 60 परिवारों के आवास संकट को दूर करने सरपंच एवं जनपद सदस्य ने उठाई मांग, घास भूमि को 'आबादी' घोषित करने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
ग्राम पंचायत मुजगहन के 60 परिवारों के आवास संकट को दूर करने सरपंच एवं जनपद सदस्य ने उठाई मांग, घास भूमि को 'आबादी' घोषित करने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
धमतरी (छत्तीसगढ़)। विकासखंड धमतरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मुजगहन में लगातार बढ़ती जनसंख्या और आवासीय भूमि की कमी के चलते ग्रामीणों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के स्थायी निराकरण के लिए ग्राम पंचायत मुजगहन के सरपंच श्री होमेश्वर साहू और जनपद सदस्य श्री कीर्तन मीनपाल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर धमतरी को एक विस्तृत मांग पत्र और ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन के माध्यम से ग्राम पंचायत की शासकीय घास भूमि को 'आबादी भूमि' घोषित करने की पुरजोर मांग की गई है, ताकि पिछले कई दशकों से वहां रह रहे परिवारों को उनका वैध अधिकार मिल सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत मुजगहन के खसरा नंबर 1453 (रकबा 0.05 हेक्टेयर), खसरा नंबर 1454 (रकबा 1.15 हेक्टेयर) तथा खसरा नंबर 1455 (रकबा 0.20 हेक्टेयर) की शासकीय घास भूमि पर विगत 40 वर्षों से अधिक समय से लगभग 60 ग्रामीण परिवार निवास कर रहे हैं। पीढ़ी-दर-पीढ़ी बीत जाने के बाद भी इस भूमि को आधिकारिक रूप से आबादी क्षेत्र घोषित नहीं किए जाने के कारण इन परिवारों को बुनियादी सरकारी सुविधाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है और हमेशा बेदखली का डर सताता रहता है।
मामले पर सरपंच श्री होमेश्वर साहू ने कहा "ग्राम पंचायत मुजगहन में जनसंख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिसके कारण गांव में आवासीय जमीन का भारी अभाव हो गया है। खसरा नंबर 1453, 1454 और 1455 पर हमारे गांव के 60 गरीब और जरूरतमंद परिवार पिछले 40 सालों से झोपड़ी और मकान बनाकर रह रहे हैं। जगह की कमी के कारण अब उनके परिवारों के विस्तार में और निवास करने में बड़ी व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं। हमने कलेक्टर महोदय से सविनय निवेदन किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस कुल 1.40 हेक्टेयर घास भूमि को तत्काल आबादी घोषित किया जाए ताकि इन परिवारों को पट्टा मिल सके और वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।"
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र के सक्रिय जनपद सदस्य श्री कीर्तन मीनपाल ने भी इस मांग का पूर्ण समर्थन किया है और शासन-प्रशासन से ग्रामीणों के पक्ष में त्वरित निर्णय लेने की अपील की है।
मामले पर जनपद सदस्य श्री कीर्तन मीनपाल ने कहा "यह सीधे तौर पर 60 ग्रामीण परिवारों के आशियाने और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ बेहद संवेदनशील मानवीय मामला है। जब कोई परिवार 40 वर्षों से एक ही स्थान पर शांतिपूर्वक रह रहा है, तो प्रशासनिक तौर पर उस भूमि को आबादी घोषित करने में विलंब नहीं होना चाहिए। जनसंख्या बढ़ने से प्रति व्यक्ति जमीन की उपलब्धता कम हुई है। मैं सरपंच महोदय और समस्त ग्रामवासियों की इस न्यायसंगत मांग के साथ मजबूती से खड़ा हूँ। हम जिला प्रशासन से मांग करते हैं कि राजस्व विभाग के माध्यम से इस पर त्वरित सर्वे करवाकर आबादी घोषणा की प्रक्रिया पूरी की जाए।"
सरपंच श्री होमेश्वर साहू ने बताया कि कलेक्टर कार्यालय में सौंपे गए आवेदन के साथ ग्राम पंचायत का प्रस्ताव, वर्तमान आबादी की स्थिति तथा संबंधित भूमि का आधिकारिक नक्शा-खसरा भी संलग्न किया गया है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर जांच और औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी की जा सकें। इस दौरान ग्राम पंचायत के उपसरपंच श्री जतिन साहू, सचिव श्री दीपक सोनकर एवं समस्त पंचगणों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस मांग को गांव के विकास और सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

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