*ब्रह्माकुमारी ज्ञानअंजलि भवन में ‘नन्हे सितारे समर कैंप’ का भव्य समापन, बच्चों में दिखा संस्कार और आत्मनिर्भरता का बदलाव*

*ब्रह्माकुमारी ज्ञानअंजलि भवन में ‘नन्हे सितारे समर कैंप’ का भव्य समापन, बच्चों में दिखा संस्कार और आत्मनिर्भरता का बदलाव*

*ब्रह्माकुमारी ज्ञानअंजलि भवन में ‘नन्हे सितारे समर कैंप’ का भव्य समापन, बच्चों में दिखा संस्कार और आत्मनिर्भरता का बदलाव*
*ब्रह्माकुमारी ज्ञानअंजलि भवन में ‘नन्हे सितारे समर कैंप’ का भव्य समापन, बच्चों में दिखा संस्कार और आत्मनिर्भरता का बदलाव*
 ब्रह्माकुमारी ज्ञानअंजलि भवन में 8 से 14 मई तक चले सात दिवसीय ‘नन्हे सितारे समर कैंप’ का समापन समारोह नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू की अध्यक्षता में उल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह में बच्चों ने चित्रकला, नाटक, कविता और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर अतिथियों का दिल जीत लिया।

*गर्मी की छुट्टियों का सदुपयोग बना उद्देश्य*  
मुख्य अतिथि तोरण लाल साहू ने दीप प्रज्वलन के बाद बच्चों की कलाकृतियों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के बाद गर्मी की छुट्टियों का सदुपयोग कराने के लिए ब्रह्माकुमारी संस्था ने समर कैंप के माध्यम से बच्चों का बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक विकास किया है। संचालिका पूर्णिमा बहन के नेतृत्व में गुरुओं ने सात दिन तक निशुल्क प्रशिक्षण देकर बच्चों को संस्कारवान बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया।

*मोबाइल से दूरी, माता-पिता को समय देने की सलाह*  
नपा अध्यक्ष ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को मोबाइल से जितना हो सके दूर रखें, क्योंकि इसकी लत लक्ष्य से भटका देती है। उन्होंने कहा कि गुरु के साथ माता-पिता का योगदान भी अहम है। स्कूल से लौटने के बाद बच्चों को कम से कम एक घंटा समय दें, पढ़ाई पर चर्चा करें, लेकिन उन पर मानसिक बोझ न डालें। बच्चों को खेलने और स्वतंत्र रूप से सीखने का अवसर भी मिलना चाहिए।

*बच्चों ने साझा किए बदलाव के अनुभव*  
कक्षा आठवीं की छात्रा वैष्णवी राणा ने बताया कि समर कैंप से जुड़ने के बाद वह सुबह जल्दी उठकर माता-पिता को प्रणाम करती है। वहीं अभिभावक पलक मंजू शर्मा ने कहा कि उनके दोनों बच्चे अब खुद सुबह उठते हैं, स्नान कर बड़ों को प्रणाम करते हैं और घर के काम में हाथ बंटाते हैं। समर कैंप ने बच्चों के व्यवहार में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है।
*चित्रकला से लेकर नैतिक मूल्यों तक मिला प्रशिक्षण*  
सात दिवसीय कैंप सुबह 9 से 10:30 बजे तक चला, जिसमें कक्षा पांचवीं से आठवीं तक के बच्चों ने भाग लिया। ब्रह्माकुमारी बहनों ने बच्चों को चित्रकला, नाटक, खेल, कविता, संगीत के साथ बौद्धिक विकास, व्यक्तिगत विकास, नैतिक मूल्य और चारित्रिक विकास के गुर सिखाए। चित्रकला का प्रशिक्षण आईटीआई शिक्षक गोपेश्वर सोनवानी ने दिया।

*मन की एकाग्रता से मिलता है समाधान: पूर्णिमा बहन*  
संचालिका पूर्णिमा बहन ने कहा कि मन घोड़े की तरह चंचल होता है, उसे सही दिशा देना जरूरी है। गृहस्थ जीवन में उठने वाले विकारों को शांत मन और एकाग्रता से दूर किया जा सकता है। एकाग्रता से ही हर समस्या का समाधान संभव है।

समापन अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार चतुर्वेदी, पार्षद सुरेश जयसवाल, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शिरोमणि माथुर सहित कई गणमान्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को उपहार देकर सम्मानित किया गया।

Ads Atas Artikel

Ads Atas Artikel 1

Ads Center 2

Ads Center 3