*खलारी गांव के होनहार बेटी खुशबू जाएगी नवोदय में पढ़ने।*
*गांव से नवोदय तक शिक्षकों की मेहनत रंग लाई ।*
विकास खंड डौंडी के शासकीय प्राथमिक शाला खलारी क्र 1 की छात्रा खुशबू का नवोदय विद्यालय दुधली के लिए चयन हुआ है । सीमित संसाधन और गांव के कृषि मजदूरी करने वाले श्रवण आरदा और नमेश्वरी आरदा की सुपुत्री खुशबू खेत खलिहान का माहौल के साथ पढ़ाई की । साधनों की कमी होने के बावजूद नवोदय चयन प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल कर उक्त विद्यालय के लिए चयन हुई है। जो पूरे क्षेत्र ग्राम और विद्यालय परिवार के लिए गर्व की बात है । इनके सफलता के पीछे प्रधान पाठक पी के कोसमा , एल के रावटे शिक्षिका डी नायक लगातार मेहनत किए । प्रधान पाठक ने शिक्षकों से समन्वय बनाकर बच्चों को नियमित कक्षाओं के अलावा विशेष अभ्यास कराया । जिनमें गणित हिंदी और मानसिक योग्यता मॉक टेस्ट मॉडल पेपर के माध्यम से बच्चों को अतिरिक्त समय दिए । जिसके परिणाम स्वरुप खुशबू का चयन नवोदय विद्यालय के लिए हुआ और तीन बच्चे कुछ अंक के लिए पीछे रह गए ।
इसके पूर्व भी शासकीय प्राथमिक शाला खलारी क्र 1 से तीन बच्चों का नवोदय विद्यालय में चयन हो चुका है । नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए जा रही खुशबू का स्वागत सम्मान शासकीय प्राथमिक शाला खलारी क्रमांक 1 में ग्राम सरपंच आत्माराम दुग्गा , प्रधान पाठक पी के कोसमा , संकुल समन्वयक उत्कल सार्वा पूर्व माध्यमिक सेजेस प्रधान पाठक एस आर बंजारे टी आर साहू शिक्षक एल पी पटेल एल के रावटे डी नायक बी अलेंद्र , के. भगत एन आर अलेंद्र, प्रबंधन समिति से सतीश सिन्हा, राकेश्वरी यादव, मनहरन कचलामें, गंगा राम साहू, उमाकांत साहू एवं समस्त शिक्षक गण पालक एवं बच्चों द्वारा स्वागत सम्मान किया गया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं और बधाई दी।
"नियमित अभ्यास और अतिरिक्त समय देने से बच्चे नवोदय में चयनित हो रहे हैं ।":- एस. जानसन ( प्राचार्य सेजेस खलारी)
प्रतिभा हर गांव में है जरूरत है उन्हें पहचानने की हमारे शिक्षकों की लगातार मेहनत का परिणाम है कि आज गांव के बच्चे भी नवोदय विद्यालय में चयन हो रहे हैं ।
"गांवो में भी प्रतिभा है ,सही मार्गदर्शन और मेहनत जरुरी ।":- प्रवीण कुमार चतुर्वेदी (बी ई ओ डौंडी)
लोग मानते थे कि सरकारी स्कूलों के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में पीछे रहते हैं लेकिन अब परिणाम बदल रहे हैं किसान मजदूर के बच्चे भी नवोदय में चयनित हो रहे हैं यह साबित करता है कि गांवो में प्रतिभा है बस सही मार्गदर्शन और मेहनत जरुरी है ।