महासमुंद पुलिस का नारको नेटवर्क पर बड़ा प्रहार: 47 किलो गांजा जब्त, 59 लाख से ज्यादा की संपत्ति सीज
रिपोर्टर हेमसागर यादव जी कि खबर
महासमुंद। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महासमुंद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और कोमाखान थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध गांजा तस्करी का पर्दाफाश करते हुए 47.300 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 23 लाख 65 हजार रुपए बताई जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में तस्करी में प्रयुक्त ट्रक, कार, मोबाइल और नगदी सहित कुल 59 लाख 51 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। कार्रवाई के दौरान 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो नाबालिगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।
सीट के नीचे बने गुप्त चेंबर में छिपाकर हो रही थी तस्करी
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक ट्रक में गांजे की बड़ी खेप छत्तीसगढ़ लाई जा रही है। सूचना के बाद कोमाखान क्षेत्र में नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की गई। कुछ देर बाद संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें चालक सीट के नीचे बने विशेष चेंबर और प्लास्टिक बोरियों में गांजा छिपाकर रखा गया था।
तलाशी के दौरान कुल 47 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पूछताछ में सामने आया कि यह खेप ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र से लाई गई थी और इसे मुंगेली जिले में खपाने की योजना थी।
ओडिशा से छत्तीसगढ़ तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि इस तस्करी नेटवर्क के तार ओडिशा के बलांगीर क्षेत्र से जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों में वाहन चालक और उसके सहयोगी शामिल हैं। वहीं जांच के दौरान मुंगेली जिले के एक आरोपी का नाम भी सामने आया, जिसे कथित रूप से गांजे की डिलीवरी दी जानी थी।
गिरफ्तार आरोपी
मोहम्मद मिराज (बलांगीर, ओडिशा)
रोहित पोंड (बलांगीर, ओडिशा)
दीपक साहू (मुंगेली, छत्तीसगढ़)
इसके अलावा दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी मामले में संरक्षणात्मक प्रक्रिया के तहत लिया गया है।
क्या-क्या हुआ जब्त
47.300 किलो गांजा
तस्करी में प्रयुक्त ट्रक
एक डिजायर कार
4 मोबाइल फोन
45 हजार रुपए नकद
तीन महीने में बड़ी कार्रवाई
महासमुंद पुलिस के अनुसार पिछले तीन महीनों में जिले में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया है। इस दौरान 74 मामलों में 5685 किलो से अधिक गांजा जब्त किया गया है तथा 192 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इनमें छत्तीसगढ़ के साथ अन्य राज्यों के आरोपी भी शामिल हैं।
पूरे सप्लाई चेन की जांच जारी
पुलिस अब इस मामले में “एंड टू एंड इन्वेस्टिगेशन” करते हुए गांजा सप्लाई चेन, सोर्स पॉइंट, फाइनेंशियल लिंक और डेस्टिनेशन नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।