*"बीमार माइंस अस्पताल को ही इलाज की आवश्यकता है ।" :-- सीटू*
तीन दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन के तहत दूसरे दिन16/04/2026 को हिंदुस्तान स्टील इंप्लाइज यूनियन (सीटू ) ने अस्पताल की समस्या को लेकर बीएसपी माइंस अस्पताल के सामने विशाल धरना प्रदर्शन किया ।
माइंस
अस्पताल की बदहाल स्थिति से परेशान खदान कर्मचारियों ने सीटू के नेतृत्व में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक दिन भर माइंस हास्पिटल के सामने धरने मे डटे रहे। और प्रबंधन के नकारात्मक व उदासीन रवैये की जमकर आलोचना करते हुए अस्पताल की स्थिति में तत्काल सुधार की मांग रखी।
उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हूए यूनियन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि प्रबंधन की अनदेखी और सेक्टर9 अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण माइंस हास्पिटल की बदतर स्थिति हो चुकी है। जहां एक समय क्षेत्र का सबसे बड़ा और सबसे बेहतरीन सुविधा वाला अस्पताल कहे जाने वाले राजहरा माइंस अस्पताल आज खुद बीमार है। जिसके लिए अति शीघ्र विशेषज्ञ डॉक्टरों की आवश्यकता है ताकि इसे ठीक किया जा सके ।
राजहरा माइंस हॉस्पिटल की बिगड़ी व्यवस्था ने अब हमें प्रत्येक माह की एक तारीख को शिविर में इलाज कराने पर मजबूर कर दिया है , जो कि एक महारत्न कंपनी के लिए शर्म की बात है । भिलाई से विशेषज्ञ डॉक्टर यहां महीने में एक दिन शिविर लगाकर इलाज करने के लिए आते हैं । उनका इलाज का तरीका यही है कि यहां जांच का, उपयुक्त साधन नहीं है। पर्ची लिखकर दे देते है कि आप भिलाई आइए और वहां पर जांच करवाइए ।
लेकिन यहां के माइंस प्रबंधन और भी महान है उन्होंने माइंस के कर्मचारियों को भिलाई रेफरल के मामले में अघोषित पाबंदी लगा दी गई है, जिससे कर्मचारी सेक्टर 9 हॉस्पिटल इलाज के लिए भी आसानी से नहीं जा पा रहे हैं। यह सब खर्चे में कटौती के नाम पर किया जा रहा है। हास्पीटल में डाक्टर के साथ ही नर्स, ड्रेसर, एक्सरे टेक्निशियन, पैथोलॉजी अटेन्डेंट, एम्बुलेंस अटेन्डेंट, सोनोग्राफी आदि की भारी कमी व समस्याएं है। जिनका कोई निराकरण प्रबंधन द्वारा नहीं किया जा रहा है।
यहां की हर सुविधा समाप्त हो चुकी है, ना तो यहां कोई विशेषज्ञ डॉक्टर हैं ना ही नर्स ना ही वार्ड बॉय और तो और अति आवश्यक ड्रेसर, एक्स-रे टेक्निशियन ,तक अस्पताल में नहीं है । हर तरफ बदहाली और बद इंतजामी का माहौल है । लाखों की महंगी एक्स रे मशीन और सोनोग्राफी की मशीन धूल खा रही है । एक्स- रे टेक्निशियन नहीं होने के कारण लोगों को बाहर से एक्स रे कराने को मजबूर होना पड़ रहा है ऐसा नहीं की सारी स्थिति प्रबंधन को पता नहीं है सब कुछ जानकारी है, लेकिन खदान एवं खदान के कर्मचारीयों को जिस तरह से प्रबंधन के द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है इससे यह लगता है कि प्रबंधन पूरा कारोबार समेटने में लगे हुए हैं । सिर्फ उत्पादन तक ही उनकी नीति सीमित हो गई है ।
यूनियन के सचिव पुरषोत्तम सिमैया ने कहा कि
आज स्वास्थ्य शिक्षा और टाउनशिप के निवासियों की सुविधा देने में खराब स्थिति में पहुंच चुके हैं और खदानों के अंदर की स्थिति इससे भी खराब है फिर भी खदानों के अंदर पूरी निष्ठा और तन्मयता के साथ नियमित और ठेका श्रमिक उत्पादन बनाए रखने में अपना योगदान दे रहे हैं । लेकिन उस उत्पादन को जारी रखने में जो स्वास्थ्य सुविधा उनको मिलनी चाहिए । वह नहीं मिल पा रहा है, इसके लिए सिर्फ प्रबंधन ही न दोषी नहीं है हम लोग भी दोषी हैं जो धीरे-धीरे बदतर होती स्थिति को अपने खुली आंखों से देखते रहे हैं और इसका प्रतिरोध नहीं किया । आज पानी सर से ऊपर जा चुका है।एकमात्र मेडिसिन डॉक्टर मनोज के सेवानिवृत होने के बावजूद एक भी मेडिसिन डॉक्टर की व्यवस्था प्रबंधन नहीं कर पाया । उनका कहना है कि दल्ली राजहरा में डॉक्टर नहीं आना चाहते। क्या एक्स- रे टेक्निशियन, नर्स, वार्ड बॉय, ड्रेसरभी प्रबंधन को नहीं मिल रहा है। इन सब बातों में प्रबंधन की बहाने बाजी काम नहीं आएगी । रही बात डॉक्टर की तो राजहरा के लिए डॉक्टर के लिए विज्ञापन निकाला गया था। जहां 90 डॉक्टर इंटरव्यू के लाइन में लगे थे। और आप कहते हैं कि डॉक्टर नहीं आना चाहते उनके लिए आप एक और दो पद निकाले थे सभी लोग यहां काम करना चाहते हैं । लेकिन सच तो यही है कि आप यहां डॉक्टर नहीं लाना चाहते हैं। यदि आप हमारे स्वास्थ्य सेवा का ख्याल नहीं रखना चाहते हैं । तो निश्चित रूप से बहुत दिन तक हम भी उत्पादन करने के योग्य नहीं है । इसलिए हम लोगों ने तय किया है कि तीन दिन के कार्यक्रम में आपसे निवेदन के साथ-साथ चेतावनी भी है आज हम अस्पताल के सामने खड़े होकर केवल एक मेडिसिन डाक्टर की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि इस बात पर अड़े हैं कि हमको पूरा का पूरा अस्पताल पूर्व की तरह चाहिए ।
यूनियन के संगठन सचिव प्रकाश सिंह क्षत्रिय ने कहा कि जब आप पूरा का पूरा उत्पादन हमसे ले रहे हैं तो उसे उत्पादन को बनाए रखने के लिए जो सुविधा हमें चाहिए वह आपको देनी होगी । इसलिए यह धरना प्रदर्शन में बैठकर प्रबंधन को चेतावनी देना चाहते हैं कि दिल बहलाने, टरकाने वाली बात, झूठा आश्वासन और झूठा कागजी समझौता नहीं चलेगा । आपको स्पष्ट रूप से टेबल पर आकर बात करनी होगी और जो बातें तय होगी वो अस्पताल के कमरों में जाकर देखेंगे वह पूरी तरह दिखनी चाहिए । अगर नहीं दिखेगा तब हम अगली बार जब हम यहां बैठेंगे तो तब तक नहीं उठेगे जब तक समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता है। हम प्रबंधन को चेतावनी देने के साथ-साथ निवेदन भी करते हैं कि आप इन बातों पर ध्यान दीजिए की खदान में काम करने वाले व्यक्ति को स्वास्थ्य का जो कानूनी अधिकार प्राप्त है उसे निश्चित रूप से देना होगा, नहीं तो हम इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी ।
सीटू मांग करता है कि , राजहरा माइंस हॉस्पिटल में पूर्व की तरह सभी विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्त करने, सभी ओपीडी बहाल करने, स्टाफ नर्स ड्रेसर लैब टेक्नीशियन ऑफिस अटेंडेंट एंबुलेंस अटेंडेंट की कमी को दूर करने, भिलाई रेफरल पर अघोषित रूप से लगाई गई पाबंदी को तत्काल रद्द करने, एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड की नियमित व्यवस्था करने तथा नियमित कर्मचारियों की तरह सभी ठेका श्रमिक परिवारों का भी इलाज राजहरा अस्पताल में हो ।
ज्ञानेन्द्र सिंह
अध्यक्ष
सीटू राजहरा।