*सीटू ने टाउनशिप की समस्याओं को लेकर नगर प्रशासन भवन के सामने पूरे दिन किया धरना प्रदर्शन ।*

*सीटू ने टाउनशिप की समस्याओं को लेकर नगर प्रशासन भवन के सामने पूरे दिन किया धरना प्रदर्शन ।*

*सीटू ने टाउनशिप की समस्याओं को लेकर नगर प्रशासन भवन के सामने पूरे दिन किया धरना प्रदर्शन ।*
*सीटू ने टाउनशिप की समस्याओं को लेकर नगर प्रशासन भवन के सामने पूरे दिन किया धरना प्रदर्शन ।*
आई. ओ. सी. राजहरा के नियमित एवं ठेका श्रमिकों के लाभों एवं सुविधाओं में कटौती के खिलाफ
 22 सूत्रीय मांगों को लेकर सीटू के द्वारा तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। यह धरना प्रदर्शन प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहे किया जा रहा है।
प्रथम दिन 15-04-2026 नगर प्रशासन आफिस के सामने सीटू यूनियन के सैकड़ो ठेका श्रमिक, नियमित कर्मचारीयो के अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इस धरना प्रदर्शन में सम्मिलित होने के लिए मैदान में उतरे ।
धरना प्रदर्शन में शामिल सैकड़ो कर्मचारियों ने टाउनशिप की अव्यवस्थाओं पर आक्रोश जाहिर करते हुए प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा टाउनशिप में सुधार हेतु अपनी मांगों को दोहराया ।
यूनियन के संगठन सचिव प्रकाश क्षत्रिय ने कहा कि हम पहले ही 16 जनवरी को प्रबंधन को अपना मांग पत्र सौंप चुके हैं। जिसमें हमने टाउनशिप की अव्यवस्थाओं पर विस्तार से विवरण प्रस्तुत करते हुए अपनी मांगे प्रस्तुत की है, लेकिन आश्चर्य की बात है की तीन माह बीत जाने पर भी प्रबंधन ने इस मांग पत्र पर कोई संज्ञान नहीं लिया ना ही कोई बैठक कर निराकरण का प्रयास किया। इससे प्रतीत होता है कि प्रबंधन टाउनशिप में किसी तरह का सुधार नहीं करना चाहता है। 
जिसके कारण श्रमिकों में आक्रोश बढ़ा हुआ है, और इसी कारण यूनियन को तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन जैसे कार्यक्रमों में जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जर्जर होते आवास, चारों तरफ अव्यवस्था का आलम और नगर प्रशासन की लाचारी से पूरा टाउनशिप बर्बादी की कगार पर है। सैकड़ो की तादाद में खाली पड़े आवासों में अराजक तत्वों का अवैध कब्जा बढ़ते जा रहा है। टाउनशिप में रहने वाले कर्मचारी और परिवारजन अब अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। हमने प्रबंधन से कहा था की खाली पड़े आवासों को सेवानिवृत कर्मचारियों को एवं ठेका कर्मचारियों को आवंटित किया जाए जिससे आवास भी सुरक्षित रहेंगे और टाउनशिप का वातावरण भी सुरक्षित रहेगा । जिस पर प्रबंधन ने कोई भी सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी और अब हालात नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं।
 यूनियन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि पहले सेवानिवृत कर्मचारी को रिटेंशन में आवास दिए जा रहे थे लेकिन अब रिटेंशन स्कीम बंद करने के बाद सेवानिवृत कर्मचारी भी आवास छोड़कर राजहरा से पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं, जिससे टाउनशिप का की सूरत और खराब होने वाली है। इसलिए हमारी मांग है कि सेवानिवृत एवं ठेका कर्मचारियों को थर्ड पार्टी आवास आवंटित किया जाए। इसी तरह आवास छोड़ने पर आवास को पूरी तरह खाली करने की बाध्यता समाप्त कर सब्जेक्ट टू वैकेशन को विधिवत चालू किया जाए जिससे मकानों को खंडहर होने से बचाया जा सके। टाउनशिप में आवासों के मेंटेनेंस की हालत बहुत खराब है मेंटेनेंस के ठेके बंद है जिसके कारण कर्मचारी परेशान है। छोटी-छोटी समस्याओं के लिए महीना टाउनशिप कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आवास आवंटन में स्पष्ट नीति एवं पारदर्शिता नहीं होने के कारण आवास आवंटन प्रक्रिया संदेह के घेरे में है और आए दिन भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं।आश्चर्य की बात है कि आवास आबंटन के लिए कोई स्टेट सीनियरिटी लिस्ट ही नहीं । अब पर्सनल सीनियरिटी कै आधार पर आवास आवंटन की जानकारी आज हमें मिली है जो कि गलत है। स्टेट सीनियरिटी लिस्ट अलग होना ही चाहिए। यूनियन के सचिव पुरुषोत्तम सिमैंया ने कहा की टाउनशिप में बड़े पैमाने पर खाली जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी तरह सैकड़ो आवास अवैध कब्जे में है यह सब प्रबंधन की जानकारी में होने के बावजूद कार्रवाई न होना कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। अगर ऐसा है तो इस मसले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और सभी अवैध कब्जे मुक्त किए जाने चाहिए । टाउनशिप में बरसों से बेकलेन क्लीनिंग का काम नहीं किया गया है। साफ सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है इसलिए हमारी मांग है कि पुराना पीएचडी विभाग बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि टाउनशिप में अवैध कब्जा को रोकने के लिए तत्काल स्टेट कोर्ट की व्यवस्था होनी ही चाहिए ।आगे उन्होंने कहा कि आवास आवंटन के मामले में स्थानीय प्रबंधन द्वारा दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है, जहां एक और भिलाई के सर्कुलर से रिटेंशन स्कीम बंद कर दी गई, वही भिलाई में वर्षों से चालू लाइसेंस पद्धति को तमाम आश्वासन के बावजूद लागू नहीं किया जा रहा है ताकि खाली आवासों को अवैध कब्जे मे देने का कारोबार फलत फूलता रहे । लेकिन खदान के कर्मचारी अब प्रबंधन की इस बदनियती को किसी भी हालत में स्वीकार करने को तैयार नहीं है। क्योंकि टाउनशिप में रहने वाले खदान कर्मचारियों के परिवार भी अब असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसलिए हमारी सुरक्षा और हमारे परिवार की सुरक्षा खदान प्रबंधन की जिम्मेदारी है और यह कानूनी जिम्मेदारी अगर प्रबंधन पूर्ण नहीं करता तो हम आंदोलन का और विस्तार करेंगे जो आगे खदानों में हड़ताल एवं कामबंदी तक जा सकता है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
धरने के दौरान यूनियन प्रतिनिधि मंडल ने नगर प्रशासक से सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा की। यूनियन ने स्पष्ट किया कि जो मांगे आपके स्तर की है उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए और जो मांगे उच्च प्रबंधन के स्तर की है उन्हें आप उच्च प्रबंधन तक ले जाएं और किसी भी तरह की समस्या आने पर यूनियन उच्च प्रबंधन से बात कर रास्ता निकालने में नगर प्रशासन के साथ है। सुरक्षा गार्ड ठेके के मामले में यूनियन ने साफ-साफ कहा कि इस ठेके में हो रही देरी के लिए नगर प्रशासन विभाग जिम्मेदार है जिसने हमारे कहने के बावजूद समय पर ठेके की प्रक्रिया को प्रारंभ नहीं किया, जिसके कारण आगे ठेका बंद है जिस पर नगर प्रशासक महोदय ने कहा कि जल्द से जल्द सभी मामलों में सकारात्मक कार्रवाई कर यूनियन को सूचित किया जाएगा साथ ही उच्च प्रबंधन के साथ बैठक में यूनियन को शामिल कर सभी समस्याओं के निराकरण का ठोस रोड मैप तैयार किया जाएगा । जिस पर यूनियन ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम पीछे नहीं हटेंगे और आगे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेदारी खदान प्रबंधन की होगी।
          ज्ञानेंद्र सिंह
            अध्यक्ष
        सीटू राजहरा।

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