दल्ली राजहरा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव
विशाल महाभंडारा, भव्य प्रभात फेरी और वरघोड़ा के साथ गूंजा ‘जियो और जीने दो’ का संदेश
राजस्थान की प्रसिद्ध गायिका प्रीति-प्रिया चौहान की भक्ति संध्या ने बांधा समां
भाग्यशाली कूपन ड्रा में वैभव ढेलड़िया को मिली सोने की चेन
सत्य अहिंसा और अपरिग्रह के प्रणेता भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव दल्ली राजहरा नगर में अत्यधिक उत्साह,श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया इस अवसर पर श्री महावीर सेवा समिति के तत्वाधान मे स्थानीय जैन समाज द्वारा विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई इसी क्रम में दिनांक 30 3.2026 दिन सोमवार को जैन दादाबाड़ी के प्रांगण में श्री महावीर सेवा समिति द्वारा महावीर जन्मकल्याणक के शुभ अवसर पर एक दिन पूर्व सर्व समाज के लिए गौतम प्रसादी के रूप में विशाल महाभंडारा का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 800 लोगों ने जमीन मे बैठकर भोजन ग्रहण किया शुद्ध आहार शाकाहार को चरितार्थ करने वाले जैन समाज ने भंडारे मे भोजन करते समय एक भी दाना झूठा ना छोड़े एवं शाकाहार के इस सन्देश को अपने जीवन मे उतारने का संकल्प दिलवाया एवं दिन मंगलवार को महावीर जन्म उत्सव का शुभारंभ ब्रह्म मुहूर्त में भव्य प्रभात फेरी के साथ हुआ श्वेत वस्त्र में सजे जैन समाज के पुरुष और
केसरिया साड़ियों मे सजी महिलाओं के हाथों में धर्म ध्वजा लिए भगवान महावीर के जयकारा लगाते हुए चल रहे थे यह प्रभात फेरी स्थानीय जैन मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के जैन भवन चौक जैन दिगंबर मंदिर नगर पालिका चौक माइन्स ऑफिस चौक होते हुए गुप्ता चौक होते हुए वापस मंदिर जी पहुंची इसके बाद अत्र विराजित पूज्य म. सा.के सानिध्य में 8:00 से 9:30 तक का प्रवचन रखा गया था जिसमे गुरु भगवंतों द्वारा भगवान महावीर के जीवन का वर्णन बताया गया जिसमें सैकड़ो की संख्या में लोगों ने इस प्रवचन का लाभ लिया तत्पश्चात प्रातः 10जैन मंदिर जी से वरघोड़ा प्रारंभ होकर गुप्ता चौक होते हुए बस स्टैंड चौक रेलवे कॉलोनी दुर्गा मंदिर सिंधु भवन गुप्ता चौक वापस माइन्स ऑफिस चौक नगर पालिका चौक जैन दिगंबर मंदिर होते हुए वरघोड़ा वापस जैन मंदिर पहुंचा वरघोड़ा के दौरान त्रिशला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की जियो और जीने दो के नारों से पूरा वातावरण भक्ति में हो गया सकल जैन समाज के सदस्यों ने इस वरघोड़ा में उपस्थित होकर सामाजिक एकता का परिचय दिया जो कि एक एकता कि मिसाल पेश कर रहा था इसके पश्चात सभी जैन समाज के सदस्यों के लिए
गौतम प्रसादी के रूप में भोजन कि व्यवस्था जैन दादाबाड़ी में रखा गया जिसका समाज के सभी वर्गों ने लाभ लिया एवं दोपहर को तीन से चार बजे के बीच जैन दिगंबर मंदिर में नवकार मंत्र का जाप रखा गया जिसमें लगभग 200 लोगों ने लाभ लिया तत्पश्चात सूर्यास्त पूर्व भोजन की व्यवस्था गौतम प्रसादी के रूप में जैन दादाबाड़ी में रखा गया इसके पश्चात जैन भवन चौक में रात्रि प्रभु भक्ति का आयोजन भव्य भक्ति संध्या के रूप में रखा गया जिसमें ख्याति प्राप्त प्राप्त विख्यात गुरु भक्त दो जुड़वा बहने प्रीति प्रिया चौहान एवं उनकी टीम राजस्थान से पधारे थे जिनकी मनमोहक प्रस्तुति ने मन्त्र मुग्ध कर दिया लगभग रात्रि 2 बजे तक चले इस भव्य भक्ति संध्या ने वातावरण को पूरा महावीर मय बना दिया महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के हर कार्यक्रम में भाग्यशाली कूपन रखे गए थे जिसका प्रथम इनाम सोने की चेन एक नग जिनके लाभार्थी श्रीमान दिनेश जी शोभा जी श्री श्री माल एवं दूसरा पुरस्कार इलेक्ट्रिक साइकिल जिसके लाभार्थी श्री सुल्तान मल संजना देवी चैरिटेबल ट्रस्ट जैन साइकिल द्वारा रखा गया था एवं तीसरा पुरस्कार 50 ग्राम चांदी का सिक्का सुधर्म नवयुवक मंडल दल्ली राजहरा द्वारा रखा गया था कार्यक्रम के पश्चात तीनों पुरस्कार को ड्रा के रूप में निकाला गया जिसमें प्रथम पुरस्कार वैभव ढेलड़िया जी को सोने की चैन प्राप्त हुआ एवं दूसरा पुरस्कार संतोष जी संचेती चिखलाकसा को इलेक्ट्रिक साइकिल के रूप में प्राप्त हुआ एवं तीसरा पुरस्कार 50 ग्राम चांदी का सिक्का अशोक जी प्रदीप जी खटोड़ को प्राप्त हुआ इस भव्य भक्ति संध्या में हजारों की संख्या में उपस्थित जैन समुदाय के लोग भक्ति का आनंद लेते हुए सामाजिक एकता का परिचय दिए दिन भर चले इस कार्यक्रम में
जैन समाज के पुरुष वर्ग के लोग सफेद वस्त्र धारण कर एवं महिलाएं केसरिया वस्त्र धारण कर कार्यक्रम में चार चांद लगा रहे थे अंत में श्री महावीर सेवा समिति के सदस्य क्रांति जैन ने आभार व्यक्त करते हुए सभी सामाजिक सदस्यों बच्चे बड़े एवं वृद्धजनों सभी का आभार व्यक्त किया एवं उद्बोधन में कहा कि इस विशेष दिवस पर हम महावीर स्वामी की शिक्षाओं पर चलने का संकल्प ले और समाज में समरसता का दीप जलाएं तथा भगवान महावीर के अनमोल संदेश "जियो और जीने दो "को आत्मसात कर हम एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहां प्रेम करुणा और सद्भाव का वास हो अंत मे श्री महावीर सेवा समिति के सदस्यों द्वारा किसी भी प्रकार की हुई गलतियों के लिए हम क्षमा चाहते हैं आने वाले समय में आप सभी ऐसा ही सहयोग करते रहे इसकी अपेक्षा करते हैं