*वाहनों की प्रदूषण जांच फीस बढ़ाने के निर्णय पर पुनर्विचार करे सरकार – डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने राज्य में वाहनों की प्रदूषण जांच (पीयूसी) फीस बढ़ाए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।उन्होंने कहा कि आम जनता पहले से ही महंगाई,पेट्रोल-डीजल के बढ़ते खर्च और अन्य आर्थिक दबावों से जूझ रही है,ऐसे में प्रदूषण जांच शुल्क में वृद्धि आम नागरिकों,छोटे वाहन चालकों,ऑटो चालकों और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए जनजागरूकता तथा सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए न कि शुल्क बढ़ाकर जनता पर भार डाला जाए।उन्होंने कहा कि दोपहिया,तीनपहिया और हल्के चारपहिया वाहनों की फीस में वृद्धि से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों को परेशानी होगी।सरकार को प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाने, पारदर्शिता लाने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी अभियान चलाने पर ध्यान देना चाहिए।शुल्क वृद्धि से लोगों में असंतोष बढ़ेगा और नियमों के पालन में भी कमी आ सकती है।डॉ. प्रतीक उमरे ने राज्य सरकार और परिवहन विभाग से आग्रह किया है कि इस निर्णय पर गंभीरता से पुनर्विचार करते हुए बढ़ाई गई फीस को वापस लिया जाए या आम जनता को राहत देने के लिए इसमें कमी की जाए,ताकि लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े और प्रदूषण नियंत्रण का उद्देश्य भी प्रभावी रूप से पूरा हो सके।