धर्मांतरण के एजेंट बोरिया-बिस्तर बांध लें, अब छत्तीसगढ़ की धरती पर कानून का 'वज्रपात' होगा" : श्याम जायसवाल

धर्मांतरण के एजेंट बोरिया-बिस्तर बांध लें, अब छत्तीसगढ़ की धरती पर कानून का 'वज्रपात' होगा" : श्याम जायसवाल

धर्मांतरण के एजेंट बोरिया-बिस्तर बांध लें, अब छत्तीसगढ़ की धरती पर कानून का 'वज्रपात' होगा" : श्याम जायसवाल
धर्मांतरण के एजेंट बोरिया-बिस्तर बांध लें, अब छत्तीसगढ़ की धरती पर कानून का 'वज्रपात' होगा" : श्याम जायसवाल


दल्लीराजहरा/ बालोद :- भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष श्याम जायसवाल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में 'धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026' के पारित होने को राज्य के इतिहास का सबसे स्वर्णिम और निर्णायक क्षण बताया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक कदम के लिए यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने करोड़ों प्रदेशवासियों की आस्था और संस्कृति को सुरक्षित करने का अपना संकल्प पूरा किया है। श्याम जायसवाल ने आगे कहा की धर्मांतरण विरोधी नए कानून (धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026) के पारित होने पर अवैध धर्मांतरण कराने वाले गिरोहों और उनके संरक्षकों को सीधे शब्दों में 'अंतिम चेतावनी' दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब छत्तीसगढ़ में सेवा के नाम पर 'सौदा' और मजबूरी के नाम पर 'धर्मांतरण' का धंधा पूरी तरह दफन कर दिया जाएगा।

श्याम जायसवाल के कड़े प्रहार:
षड्यंत्रकारियों को सीधा अल्टीमेटम:
"जो लोग बालोद जिले के गांवों और पिछड़ी बस्तियों में चंगाई सभाओं, मुफ़्त इलाज और पैसों का लालच देकर हमारे भोले-भाले समाज की आस्था को खरीदने का दुस्साहस कर रहे थे, वे अब कान खोलकर सुन लें—तुम्हारी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अब प्रलोभन देने पर 10 साल की जेल होगी और सामूहिक धर्मांतरण कराया तो पूरी जिंदगी कालकोठरी में कटेगी।"

लव-जिहाद और धोखेबाजों पर सर्जिकल स्ट्राइक:
"पहचान छिपाकर हमारी बेटियों को प्रेम-जाल में फंसाने और निकाह के जरिए धर्म बदलवाने वाले 'लव-जिहादियों' का इलाज अब कानून करेगा। ऐसे विवाह अब 'कचरे के डिब्बे' में जाएंगे क्योंकि कानून उन्हें शून्य (अमान्य) घोषित कर चुका है। धोखेबाजों को 20 साल तक चक्की पीसनी होगी, यह साय सरकार का साफ संदेश है।"

विदेशी फंड और बिचौलियों पर प्रहार:
"विदेशी ताकतों के टुकड़ों पर पलने वाले और समाज को बांटने वाले बिचौलियों को अब कोई राजनीतिक संरक्षण नहीं बचा पाएगा। जांच अब बड़े अधिकारी करेंगे और विशेष अदालतें तुरंत सजा सुनाएंगी। बालोद जिले का पिछड़ा वर्ग मोर्चा का एक-एक कार्यकर्ता अब 'धर्म रक्षक' बनकर मैदान में है। कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखी, तो प्रशासन के साथ मिलकर जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।"

विपक्ष को आईना:
"धर्मांतरण को बढ़ावा देने वाली ताकतों के आका अब छाती पीट रहे हैं क्योंकि उनकी 'वोट बैंक' की दुकान बंद हो गई है। हमारी संस्कृति और सनातन परंपरा से खिलवाड़ अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

अंत में श्याम जायसवाल ने कहा कि यह कानून केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि उन ताकतों के लिए 'डेथ वारंट' है जो हमारी जड़ों को काटना चाहते थे। अब छत्तीसगढ़ में सिर्फ और सिर्फ भारतीय संस्कृति का मान होगा।

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