*आध्यात्मिक सशक्तिकरण से ही नारी बनती है समाज की सच्ची शक्ति – बीके मनु दीदी*

*आध्यात्मिक सशक्तिकरण से ही नारी बनती है समाज की सच्ची शक्ति – बीके मनु दीदी*

*आध्यात्मिक सशक्तिकरण से ही नारी बनती है समाज की सच्ची शक्ति – बीके मनु दीदी*
प्रेस विज्ञप्ति

*आध्यात्मिक सशक्तिकरण से ही नारी बनती है समाज की सच्ची शक्ति – बीके मनु दीदी*


09 मार्च 2026, सीपत। महिला केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सशक्त प्रेरणा भी है। जब महिला आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक शक्ति से भर जाती है, तब वह पूरे परिवार और समाज को सकारात्मक दिशा दे सकती है।
यह उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, सीपत द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता बीके मनु दीदी ने व्यक्त किए।
इस अवसर पर सीपत मेन रोड, हंसा पेट्रोल पम्प के पास स्थित सेवाकेन्द्र में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र की अनेक महिलाएँ, समाजसेवी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके वास्तविक आत्मबल, आध्यात्मिक शक्ति और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके मनु दीदी ने कहा कि आज की महिला हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, लेकिन सच्ची उन्नति तभी संभव है जब बाहरी प्रगति के साथ-साथ आंतरिक शक्ति भी बढ़े। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से महिलाएँ अपने अंदर शांति, धैर्य, सहनशीलता और सकारात्मक सोच का विकास कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिला अगर स्वयं सशक्त और खुश रहेगी तो वह पूरे परिवार को संस्कारवान और सुखी बना सकती है। उन्होंने आगे कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था की विशेषता यह है कि यहाँ महिलाओं को नेतृत्व और सेवा का भरपूर अवसर मिलता है। आज संस्था की हजारों बहनें देश-विदेश में आध्यात्मिक शिक्षा देकर समाज को नई दिशा दे रही हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि जब महिला को सही मार्गदर्शन और आध्यात्मिक आधार मिलता है, तो वह असंभव को भी संभव बना सकती है।
कार्यक्रम में उपस्थित नवाडीह प्राथमिक शाला प्रिंसिपल दुर्गा खरे ने अपने संबोधन में कहा कि महिला दिवस केवल एक दिन मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनकी क्षमताओं को पहचानने का संदेश देता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा महिलाओं में आत्मविश्वास और संस्कारों का विकास करने के प्रयासों की सराहना की।
खमरिया कुसुम बघेल ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में मानसिक तनाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में राजयोग मेडिटेशन महिलाओं को मानसिक शांति और संतुलन प्रदान करता है, जिससे वे अपने परिवार और समाज की बेहतर सेवा कर सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश, अनुभव साझा तथा सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई, जिससे वातावरण अत्यंत प्रेरणादायक और उत्साहपूर्ण बन गया। उपस्थित महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान से उन्हें जीवन में नई सकारात्मक दिशा मिलती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी को यह संकल्प दिलाया गया कि वे अपने जीवन में सकारात्मक सोच, श्रेष्ठ संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर परिवार और समाज में शांति व सद्भाव का वातावरण बनाने में सहयोग देंगी।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएँ, स्थानीय नागरिक तथा ब्रह्माकुमारी संस्था के भाई-बहन उपस्थित रहे।
ईश्वरीय सेवा में
बीके संतोषी
ब्रह्माकुमारीज, सीपत

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