*औद्योगिक और आवासीय विकास को मिलेगी नई गति - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पारित ‘छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026’ को राज्य के शहरी विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बताया।उन्होंने कहा कि इस संशोधन से राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को सुव्यवस्थित करने, अनियंत्रित विस्तार पर रोक लगाने और योजनाबद्ध विकास को गति देने में नई ऊर्जा मिलेगी।राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।इससे औद्योगिक और आवासीय विकास को नई गति मिलेगी।वर्तमान में नगर विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन का दायित्व केवल सीमित विकास प्राधिकरणों तक केंद्रित था,जिसके कारण कई शहरों में अव्यवस्थित विकास और अवैध प्लॉटिंग की समस्या बढ़ गई थी।अब इस संशोधन के माध्यम से राज्य सरकार के अन्य अभिकरणों तथा सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को भी नगर विकास योजनाएं तैयार करने और क्रियान्वित करने का अधिकार मिल गया है। इससे योजनाओं की संख्या बढ़ेगी, औद्योगिक तथा आवासीय विकास को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं के साथ व्यवस्थित भूखंड उपलब्ध होंगे।जिससे शहरी विकास को नई गति मिलेगी।उन्होंने कहा कि दुर्ग को इस संशोधन का सीधा लाभ होगा।अवैध प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण,बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास तथा पर्यावरण-अनुकूल योजनाबद्ध विस्तार संभव हो पाएगा।यह विधेयक न केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करेगा,बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुनियोजित,स्वच्छ और समृद्ध छत्तीसगढ़ का आधार भी तैयार करेगा।