बेमेतरा:-भक्ति पथ से सामाजिक क्रांति का आह्वान: कोदवा में सुदामा प्रसंग के जरिए 'समान शिक्षा व स्वास्थ्य' की उठी मांग : पंडित देवेंद्र दुबे
बेमेतरा:-भक्ति पथ से सामाजिक क्रांति का आह्वान: कोदवा में सुदामा प्रसंग के जरिए 'समान शिक्षा व स्वास्थ्य' की उठी मांग : पंडित देवेंद्र दुबे
मेघू राणा बेमेतरा । 18 फरवरी, 2026 ग्राम कोदवा में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन बुधवार को भक्ति के रस के साथ-साथ समाज सुधार की एक नई अलख जागी। कथाव्यास आचार्य पंडित देवेन्द्र दुबे ने कृष्ण-सुदामा की अमर मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए आधुनिक भारत की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया। उन्होंने दो टूक कहा कि देश को 'रेवड़ियों' की नहीं, बल्कि समान अवसर की जरूरत है।
कृष्ण-सुदामा की मित्रता: जब अश्रुओं से धुले पैर
कथा के दौरान जब सुदामा और द्वारिकाधीश के मिलन का प्रसंग आया, तो पूरा पंडाल भाव-विभोर हो गया। आचार्य श्री ने बताया कि कैसे सांदीपनि आश्रम में एक राजा का पुत्र (कृष्ण) और एक निर्धन ब्राह्मण का पुत्र (सुदामा) एक ही टाट-पट्टी पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते थे। उन्होंने मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि सुदामा की दीन दशा देख प्रभु इतने द्रवित हुए कि बिना परात छुए अपने आंसुओं से ही मित्र के चरण पखार दिए।
"एक डेस्क पर बैठें अफसर और गरीब का बच्चा"
भक्ति प्रसंग को वर्तमान व्यवस्था से जोड़ते हुए पंडित दुबे ने 'समान शिक्षा' की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा:
शिक्षा का निजीकरण रुके: प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती प्रथा समाज में खाई पैदा कर रही है। सरकार को सरकारी स्कूलों का स्तर इतना ऊंचा करना चाहिए कि अधिकारी, नेता और आम नागरिक के बच्चे एक ही डेस्क पर बैठकर पढ़ें।
आत्मानंद मॉडल का विस्तार: उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की 'आत्मानंद स्कूल' पहल की सराहना करते हुए इसे और व्यापक बनाने पर जोर दिया ताकि शिक्षा का व्यापार बंद हो सके।
स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा प्रहार
पंडित जी ने स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों पर प्रहार करते हुए कहा कि आज गरीब और मध्यम वर्ग निजी अस्पतालों के भारी-भरकम बिलों से डरा हुआ है। उन्होंने सुझाव दिया:
"जनता को मुफ्त की साड़ियां या सामान नहीं चाहिए। अगर सरकार केवल समान शिक्षा और सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित कर दे, तो समाज खुद-ब-खुद सशक्त हो जाएगा। एम्स (AIIMS) जैसी सुविधाएं हर सरकारी अस्पताल में हों ताकि इलाज के लिए किसी को दर-दर न भटकना पड़े।"
कल होगा भव्य समापन
आयोजन समिति (मां शारदा मानस मंडली) के अध्यक्ष ने बताया कि इस नौ दिवसीय आयोजन का समापन कल, 20 फरवरी को गीता पूर्णाहुति, कपिल तर्पण और भव्य तुलसी वर्षा के साथ होगा। आज के कार्यक्रम में समस्त ग्रामवासी कोदवा सहित आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।