छत्तीसगढ़ बजट 2025-26: औद्योगिक श्रमिकों और कर्मचारियों के साथ बड़ा धोखा

छत्तीसगढ़ बजट 2025-26: औद्योगिक श्रमिकों और कर्मचारियों के साथ बड़ा धोखा

छत्तीसगढ़ बजट 2025-26: औद्योगिक श्रमिकों और कर्मचारियों के साथ बड़ा धोखा
*प्रेस विज्ञप्ति*
छत्तीसगढ़ बजट 2025-26: औद्योगिक श्रमिकों और कर्मचारियों के साथ बड़ा धोखा


रायपुर, [24/02/26]: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट राज्य के मेहनतकश औद्योगिक श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए निराशाजनक और ठगने वाला साबित हुआ है। एक तरफ जहां सरकार सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में भारी वृद्धि के आंकड़े पेश कर रही है, वहीं राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में जान जोखिम में डालकर काम करने वाले मजदूरों के लिए बजट में कोई ठोस राहत नहीं है। 
औद्योगिक क्षेत्र श्रमिक संगठनों और कर्मचारी संघों ने बजट को 'श्रमिक-विरोधी' करार दिया है। 
प्रमुख बिंदु:
न्यूनतम वेतन और सुरक्षा: औद्योगिक सुरक्षा मानकों (Industrial Safety Standards) में सुधार और श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन में सम्मानजनक वृद्धि का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
महंगाई भत्ता (DA) में कोई वृद्धि नहीं: कर्मचारी फेडरेशन की उम्मीदों के विपरीत, महंगाई भत्ते (DA) में कोई की वृद्धि नहीं किया गया है।
औद्योगिक हादसों पर चुप्पी: राज्य में लगातार हो रहे औद्योगिक हादसों के बावजूद, श्रमिकों की सुरक्षा और उचित मुआवजा नीति के लिए बजट में विशेष प्रावधान न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
औद्योगिक नीति में केवल निवेशकों का ध्यान: नई औद्योगिक नीति केवल कॉर्पोरेट निवेश और ब्याज अनुदान पर केंद्रित है, जबकि जमीनी स्तर पर काम करने वाले श्रमिकों के हितों की अनदेखी की गई है। 


यह बजट राज्य की प्रगति में दिन-रात योगदान देने वाले मजदूरों को 'ठगा गया' महसूस कराता है। हम मांग करते हैं कि सरकार अविलंब औद्योगिक सुरक्षा नीति को सख्त बनाए और श्रमिकों के वेतन में वृद्धि करे। यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हम सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
भवदीय 
शंकर सिंह निर्मलकर 
[संरक्षक छत्तीसगढ़ सीमेंट स्टील खदान कल्याणकारी श्रमिक संघ छत्तीसगढ़]

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